सेवा पखवाड़ा: हरियाली और स्वच्छ वायु के लिए पुलिस की पहल

सोनीपत पुलिस ने "सेवा पखवाड़े" के तहत कुंडली औद्योगिक क्षेत्र और फतेहपुर गांव में 551+ फलदार व छायादार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने की पहल की

सेवा पखवाड़ा: हरियाली और स्वच्छ वायु के लिए पुलिस की पहल

सोनीपत पुलिस ने "सेवा पखवाड़ा" के तहत पौधारोपण अभियान चलाया
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र और फतेहपुर गांव में 551+ फलदार और छायादार पौधे लगाए
➤ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ वायु और मानव जीवन सुरक्षा पर जोर


पुलिस आयुक्त ममता सिंह IPS के मार्गदर्शन में "सेवा पखवाड़े" के तहत सोनीपत पुलिस ने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं पूर्वी जोन प्रबीना पी. IPS ने कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में कुंडली औद्योगिक संघ के सहयोग से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें 551 से अधिक फलदार और छायादार पौधे लगाए गए।

इस अवसर पर प्रबीना पी. ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन और पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, ये कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन छोड़ते हैं। पेड़ों के कारण ही मानव जीवन संभव है और बढ़ते प्रदूषण के समय में पर्यावरण की सुरक्षा और स्वच्छ वायु के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाना और उनकी देखभाल करना आवश्यक है। उन्होंने आम जनता और पुलिस कर्मचारियों से अपील की कि वे पौधारोपण अभियान का हिस्सा बनें और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखें।

इसी कड़ी में सहायक पुलिस आयुक्त शहर-2 सोनीपत, जीत सिंह ने थाना प्रभारी सदर सोनीपत निरीक्षक अशोक कुमार के साथ फतेहपुर गांव में ग्राम पंचायत के सहयोग से ग्राम पार्क में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण न केवल वायु गुणवत्ता सुधारता है बल्कि जैव विविधता बढ़ाने और मानव जीवन को सुगम बनाने में मदद करता है। इसके साथ ही लोगों को जागरूक करना और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करना अभियान की सफलता के लिए अहम है।

इस कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त राई, विपिन अहलावत, थाना कुंडली प्रभारी निरीक्षक सेठी मलिक, थाना राई प्रभारी निरीक्षक सुभाष चन्द्र, कुंडली औद्योगिक संघ के सदस्य और अन्य पुलिस कर्मचारी उपस्थित थे।

प्रोग्राम के दौरान अधिकारियों ने सभी से संकल्प लिया कि सिर्फ पौधे लगाएंगे नहीं बल्कि उनकी देखभाल कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देंगे। यह पहल मानव और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरा-भरा वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।