हरियाणा पुलिस का ASI 10 हजार की रिश्‍वत लेते धरा

यमुनानगर में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सढौरा थाने के एएसआई पवन कुमार को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। एसएचओ अजय कुमार और ड्राइवर की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

हरियाणा पुलिस का  ASI 10 हजार की रिश्‍वत लेते धरा

➤ यमुनानगर में एएसआई पवन कुमार 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ काबू
एसएचओ अजय कुमार और ड्राइवर की संलिप्तता की जांच शुरू
➤ आरोपी एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज

 एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला की टीम ने शनिवार को साढौरा थाने में तैनात जांच अधिकारी (एएसआई) पवन कुमार को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई अंबाला निवासी शिकायतकर्ता सुरेंद्र सिंह की शिकायत पर की गई।

आरोपी एएसआई को गाड़ी में बैठाकर ले जाती टीम।

मामला दरअसल कबूतरबाजी केस से जुड़ा हुआ है। सुरेंद्र सिंह के खिलाफ गांव छबीलपुर निवासी कुलदीप सिंह ने साढौरा थाने में केस दर्ज करवाया था। हालांकि सुरेंद्र को अगस्त में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी। इसके बाद जब वह 15 सितंबर को सरपंच जरनैल सिंह के साथ थाने पहुंचा तो एसएचओ अजय कुमार ने उन्हें जांच अधिकारी एएसआई पवन कुमार से मिलने को कहा।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि एएसआई पवन कुमार ने नियमित जमानत दिलाने के नाम पर 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। इसमें से 10 हजार पहले और बाकी 90 हजार काम पूरा होने के बाद देने की शर्त रखी। उसने यह भी धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो वह जांच में असहयोग की रिपोर्ट दर्ज कर देगा और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पावती भी नहीं देगा।

इसके बाद सुरेंद्र ने इसकी शिकायत सतर्कता ब्यूरो को दी। आज एसीबी टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपए कैश देकर थाने भेजा। जैसे ही सुरेंद्र ने यह रकम एएसआई पवन को दी, टीम ने मौके पर छापा मारा और आरोपी को पकड़ लिया।

टीम ने एएसआई की कार की भी तलाशी ली। इसमें से 500-500 रुपए के कई नोट बरामद हुए। इन पैसों को भी जब्त कर लिया गया है।

आरोपी एएसआई पवन कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (धारा 7) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को कल अदालत में पेश किया जाएगा।

वहीं, प्रारंभिक जांच में सढौरा थाने के एसएचओ अजय कुमार और उनके ड्राइवर संदीप की संलिप्तता भी सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और सभी दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।