हरियाणा में नहर में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत
बुढ़िया नहर में पूजन सामग्री विसर्जित करने गए दो सगे भाइयों की डूबने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने नहर किनारे सुरक्षा इंतजाम न होने पर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
➤ पूजन सामग्री विसर्जित करने गए थे दोनों भाई
➤ एक का पैर फिसला, दूसरे ने बचाने की कोशिश की
➤ गांव में मातम, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
हरियाणा के यमुनानगर जिले में शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। बुढ़िया नहर में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। दोनों पूजन सामग्री विसर्जित करने के लिए नहर पर पहुंचे थे।
मृतकों की पहचान भगवानगढ़ गांव निवासी 19 वर्षीय आर्यन और 24 वर्षीय उदय के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, दोनों भाई शाम के समय नहर पर पूजन सामग्री विसर्जित करने गए थे। इसी दौरान आर्यन का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में नहर में गिर गया। छोटे भाई को डूबता देख उदय उसे बचाने के लिए तुरंत पानी में कूद पड़ा। लेकिन नहर में पानी का बहाव काफी तेज था। दोनों भाई खुद को संभाल नहीं सके और गहराई में समा गए।
घटना की सूचना मिलते ही बुढ़िया चौकी से पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान चलाया गया। कुछ समय बाद दोनों के शव बरामद कर लिए गए।
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नहर किनारे न तो रेलिंग लगी है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड। पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नहर किनारे मजबूत रेलिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं। दो जवान बेटों की एक साथ मौत से भगवानगढ़ गांव में गहरा शोक है। परिजनों के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
Akhil Mahajan