महापंचायत में हंगामा! पूर्व सांसद सैनी बोले- महर्षि वाल्मीकि ब्राह्मण थे, भड़की भीड़ मंच पर चढ़ी
चंडीगढ़ में आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस को लेकर हुई महापंचायत में पूर्व सांसद राजकुमार सैनी के बयान पर हंगामा मच गया। परिवार ने अब भी पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार किया है।
➤ महापंचायत में हंगामा
➤ पूर्व सांसद राजकुमार सैनी के बयान पर भड़की भीड़
➤ पूरन कुमार केस में अब भी पोस्टमॉर्टम पर गतिरोध
हरियाणा के चर्चित IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस को लेकर रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित गुरु रविदास मंदिर में बुलाई गई महापंचायत में बड़ा हंगामा देखने को मिला। पूर्व सांसद राजकुमार सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि वाल्मीकि ब्राह्मण थे, इस बयान के बाद सभा में मौजूद वाल्मीकि समाज के लोग भड़क गए और मंच की तरफ बढ़ गए। पुलिस और आयोजकों को हालात संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
महापंचायत में मौजूद समाज के प्रतिनिधियों ने सैनी से माफी की मांग की और सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि अगर IPS वाई पूरन कुमार की मौत की निष्पक्ष जांच नहीं की गई और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो चंडीगढ़ की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी।
इसी बीच बैठक में 31 सदस्यीय कमेटी के सदस्य गुरमेल सिंह ने कहा कि सरकार नौकरी का लालच देकर परिवार को शांत कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन समाज अब किसी साजिश में नहीं फंसेगा। उन्होंने कहा कि DGP शत्रुजीत कपूर और SP नरेंद्र बिजारणिया की गिरफ्तारी तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि सरकार परिवार के संपर्क में है और परिवार की मांगों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रोहतक SP को परिवार के कहने पर हटाया गया है और सरकार जल्द ही समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है।
हरियाणा के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित गुरु रविदास गुरुद्वारे में बुलाई गई महापंचायत में हंगामा हो गया। पूर्व सांसद और लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के प्रमुख राजकुमार सैनी के बयान से भीड़ उग्र हो गई। उन्होंने मंच से कहा कि महर्षि वाल्मीकि ब्राह्मण थे। यह सुनते ही महापंचायत में आए लोग मंच की ओर दौड़ पड़े और माहौल गरमा गया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला।
इस बीच आईपीएस वाई पूरन कुमार के पोस्टमॉर्टम पर परिवार और सरकार के बीच अब भी सहमति नहीं बन सकी है। आज छठे दिन भी परिवार ने साफ कहा कि जब तक डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी नरेंद्र बिजारणिया की गिरफ्तारी नहीं होती, वे पोस्टमॉर्टम नहीं कराएंगे। दिवंगत अधिकारी की आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार ने दो सीनियर आईएएस अधिकारियों के साथ अपने आवास पर लंबी बैठक की।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि सरकार परिवार से लगातार संपर्क में है। परिवार के कहने पर ही रोहतक एसपी का तबादला किया गया और उन्हें कहीं नई पोस्टिंग नहीं दी गई। मंत्री ने उम्मीद जताई कि शाम तक मामला सुलझ सकता है।
वहीं 31 मेंबरी कमेटी के सदस्य गुरमेल सिंह ने कहा कि सरकार हमें नौकरी या पद का लालच देकर शांत नहीं करा सकती, परिवार अपने फैसले पर अडिग है।
राजनीतिक हलचल भी तेज है। शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा, कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला, मनीष सिसोदिया सहित कई नेताओं ने अमनीत पी. कुमार से मुलाकात की। वहीं जेजेपी प्रमुख अजय चौटाला और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भी शोक जताया और परिवार से भेंट की।
चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r) को बदलकर 3(2)(V) कर दिया है। नई धारा के तहत उम्रकैद और जुर्माने का प्रावधान है।
घटना से जुड़ी तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें वाई पूरन कुमार की डेडबॉडी सेक्टर-11 स्थित कोठी के बेसमेंट में सोफे पर पड़ी है। सिर, नाक और मुंह से खून निकल रहा है, टी-शर्ट खून से सनी है और दाहिने हाथ में पिस्टल है।
इधर रोहतक में सर्व समाज महापंचायत ने एसपी नरेंद्र बिजारणिया के समर्थन में आवाज उठाई। कहा गया कि बिना जांच के किसी अधिकारी को बलि का बकरा नहीं बनाया जा सकता। अब यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बेहद संवेदनशील हो चुका है और सरकार पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है।
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