LIve: हरियाणा विधानसभा विंटर सेशन शुरू, CM सैनी भगवा पग में पहुंचे

हरियाणा विधानसभा का विंटर सेशन शुरू हो गया है। पहले दिन CM नायब सैनी भगवा पग बांधकर सदन पहुंचे। तीन दिन के सत्र में विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगा।

LIve: हरियाणा विधानसभा विंटर सेशन शुरू, CM सैनी भगवा पग में पहुंचे
  • हरियाणा विधानसभा विंटर सेशन का पहला दिन, CM नायब सैनी भगवा पग में पहुंचे
  • मृतकों को दी श्रद्धांजलि, प्रश्नकाल से कार्यवाही शुरू
  • विपक्ष के कई मुद्दों पर सत्र के हंगामेदार रहने के आसार


हरियाणा विधानसभा का विंटर सेशन आज से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रारंभ हुई। विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सैनी भगवा पग बांधकर नजर आए। कार्यवाही की शुरुआत शोक संदेशों के साथ हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने भी शोक प्रस्ताव पढ़ते हुए मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

प्रश्नकाल के साथ सदन की नियमित कार्यवाही आगे बढ़ी। पहले ही दिन विपक्ष के तेवर तीखे नजर आए। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह वोट चोरी समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरी है।

इस बार हरियाणा विधानसभा का विंटर सेशन केवल तीन दिन का रखा गया है। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सत्र की अवधि तय की गई थी। विपक्ष की आक्रामक तैयारी को देखते हुए सरकार ने भी सदन के लिए विशेष रणनीति बनाई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी हर मुद्दे पर फ्रंट फुट पर जवाब देते हुए नजर आ सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया कि इस बार विधानसभा सत्र तय समय से करीब छह महीने पहले बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि सामान्य स्थिति में अगला सत्र फरवरी के अंत में होना था, लेकिन सरकार ने नियमों के दायरे में रहते हुए पहले ही सत्र बुलाने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में कई बार केवल दो दिन के सत्र आयोजित किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने 2017 के बाद विधानसभा सत्रों की अवधि बढ़ाकर चार दिन तक करने का प्रयास किया है।

इस सत्र में विपक्ष कई बड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर रहेगा। वोट चोरी के आरोप, रोहतक और बहादुरगढ़ में खिलाड़ियों की मौत, मंडियों में धान खरीद घोटाला और प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर तीखी बहस के आसार हैं। कांग्रेस ने काम रोको प्रस्ताव लाने का भी ऐलान किया है।

धान खरीद सीजन के दौरान मंडियों में करीब 80 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का मुद्दा भी सदन में गूंज सकता है। किसान संगठनों की ओर से इस मामले की जांच की मांग पहले ही उठ चुकी है।

लॉ एंड ऑर्डर को लेकर भी सरकार को विपक्ष के सवालों का सामना करना पड़ेगा। लगातार मिल रही धमकियों और हत्या की घटनाओं को लेकर कांग्रेस, INLD और जजपा सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।

सरकार की ओर से सत्र को लेकर पूरी तैयारी की गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विधायकों के सवालों के स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। मंत्रियों से विकास कार्यों और घोषणाओं की सूची भी मंगाई गई है। सत्र से पहले भाजपा विधायक दल की बैठक भी बुलाई गई है।

करीब एक साल बाद कांग्रेस अपने नेता प्रतिपक्ष के साथ एकजुट होकर सदन में नजर आएगी, जिसे सत्र के हंगामेदार रहने की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। वहीं सीमित संख्या के बावजूद INLD भी सरकार पर तीखे हमले करने की तैयारी में है।

हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा।