करनाल में डॉक्टरों ने बंद की आपात सेवाएं, पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठे अस्पताल विवाद ने लिया बड़ा रूप, करनाल में पोस्टमॉर्टम भी बंद
करनाल के नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों ने पुलिस के साथ हुए विवाद के विरोध में आपातकालीन सेवाएं और पोस्टमॉर्टम बंद कर धरना शुरू कर दिया। डॉक्टर आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, जिससे मरीजों और परिजनों को भारी परेशानी हो रही है।
■ करनाल में डॉक्टरों ने आपात सेवाएं बंद कर किया धरना
■ घरौंडा CHC विवाद के बाद पुलिस पर कार्रवाई की मांग
■ पोस्टमॉर्टम बंद होने से अस्पताल में बिलखते रहे परिजन
हरियाणा के करनाल में डॉक्टरों और पुलिस के बीच हुआ विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। घरौंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एसएचओ और डॉक्टर के बीच हुए विवाद के विरोध में डॉक्टरों ने नागरिक अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं बंद कर धरना शुरू कर दिया। इसके चलते अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं और मरीजों व मृतकों के परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए करनाल के पुलिस अधीक्षक (SP) देर रात करीब 10 बजे सीएमओ कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। हालांकि बैठक में भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया।
डॉक्टरों ने रखी सख्त मांग
स्टेट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव ने बताया कि इस मामले को लेकर सुबह ही सीएमओ कार्यालय की ओर से एसपी करनाल को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी गई थी, लेकिन देर रात तक न तो मामला दर्ज हुआ और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। डॉक्टरों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन अपने कर्मचारियों को बचाने की कोशिश कर रहा है।
सिर्फ सस्पेंशन से संतुष्ट नहीं डॉक्टर
मामले में घरौंडा के एसएचओ दीपक कुमार को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया गया है, लेकिन डॉक्टर इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि घटना में गंभीर अपराध बनते हैं, इसलिए एसएचओ दीपक कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर
डॉक्टरों के विरोध के कारण ओपीडी सेवाओं के साथ-साथ पोस्टमॉर्टम भी बंद कर दिया गया है। इससे अस्पताल में आए मरीजों और मृतकों के परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पोस्टमॉर्टम के इंतजार में बिलखते रहे परिजन
अस्पताल में एक मां अपने 20 वर्षीय बेटे सुमित के शव के पोस्टमॉर्टम के इंतजार में रोती-बिलखती दिखाई दी। बताया गया कि सुमित ने घर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए करनाल ले आई, लेकिन डॉक्टरों के विरोध के कारण पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया।
पहली बार बंद हुई आपात सेवाएं
बताया जा रहा है कि करनाल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब नागरिक अस्पताल में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं तक बंद हो गई हैं। इससे जिलेभर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है।
पूरे हरियाणा में आंदोलन की चेतावनी
डॉक्टर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। डॉक्टरों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा हरियाणा इस आंदोलन की चपेट में आ सकता है।
shubham