जनगणना ड्यूटी से बचना पड़ा भारी, 33 कर्मचारियों पर FIR
हरियाणा में जनगणना ड्यूटी का विरोध कर रहे 33 कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। 80 अन्य कर्मचारी भी प्रशासन के रडार पर हैं।
➤ ड्यूटी से गायब 80 और कर्मचारी प्रशासन के रडार पर
➤ कर्मचारी बोले-एक साथ कई काम, अलग भत्ता भी नहीं मिलता
हरियाणा में जनगणना हाउस लिस्टिंग कार्य को लेकर कर्मचारियों और सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। ड्यूटी का विरोध कर रहे 33 कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न जिलों में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, करीब 80 अन्य कर्मचारियों की सूची भी कार्रवाई के लिए तैयार कर पुलिस को भेजी गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि कई कर्मचारी बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं पहुंचे और सरकारी कार्य में बाधा डाल रहे हैं। प्रशासन ने इसे गंभीर मानते हुए एफआईआर के साथ-साथ निलंबन की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
दूसरी ओर कर्मचारियों का आरोप है कि उन पर लगातार अतिरिक्त काम का बोझ डाला जा रहा है। उनका कहना है कि उन्हें एक साथ वोटर लिस्ट रिवीजन, जनगणना और स्कूलों का नियमित कार्य संभालना पड़ रहा है, लेकिन इसके बदले कोई अलग भत्ता या अतिरिक्त भुगतान नहीं दिया जा रहा।
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि फील्ड में लोगों का विरोध झेलना पड़ रहा है। कई जगह लोग घर की जानकारी देने से मना कर देते हैं और डाटा लीक होने का हवाला देकर कर्मचारियों को भगा देते हैं। जुलाना से ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें लोग जनगणना टीम का विरोध करते दिखाई दिए।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि राज्य के स्कूलों में पहले ही 15 हजार से ज्यादा शिक्षक पद खाली हैं। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक है और उसे भी जनगणना ड्यूटी में लगा दिया गया है। इससे पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है।
कुछ कर्मचारियों ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बताई हैं। एक महिला शिक्षक ने लिखा कि उसे गठिया की बीमारी है और सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती है। वहीं कुछ कर्मचारी धूप में लगातार फील्ड ड्यूटी करने को लेकर दिक्कत जता रहे हैं।
अब जानिए किन जिलों में क्या कार्रवाई हुई...
गुरुग्राम में नगर निगम की शिकायत पर 5 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन का कहना है कि शहर के करीब 450 ब्लॉकों में अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। यहां 400 से ज्यादा कर्मचारी प्रशासन के रडार पर हैं और 19 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी एफआईआर की सिफारिश की गई है।
सोनीपत में 18 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश पुलिस को भेजी गई है। इनमें स्कूल, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं।
फरीदाबाद में पहले ही 9 कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अब 22 और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
भिवानी में जनगणना कार्य में लापरवाही और अधिकारियों से अभद्र भाषा में बात करने के आरोप में एक शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
कुरुक्षेत्र में दो क्लर्कों पर ड्यूटी नहीं निभाने और अधिकारियों के फोन तक न उठाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
पंचकूला में 21 कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है। उपायुक्त ने इनके खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वहीं कालका के चार्ज अधिकारी को धीमी प्रगति के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इन सबके बीच सरकार का दावा है कि विरोध और कार्रवाई के बावजूद राज्य में 97 प्रतिशत से ज्यादा हाउस लिस्टिंग कार्य शुरू हो चुका है। जनगणना संचालन निदेशक डॉ. ललित जैन के अनुसार कई जिलों में 100 प्रतिशत कार्य शुरू हो चुका है, जबकि चरखी दादरी राज्य में सबसे आगे चल रहा है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी लगातार जनगणना और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। सरकार ने करीब 25 हजार कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया है और BLO व फील्ड स्टाफ को 31 मई तक अन्य निर्वाचन कार्यों से छूट देने के निर्देश जारी किए हैं।
Akhil Mahajan