हरियाणा कैबिनेट की 6 घंटे चली बैठक, 27 एजेंडों को मंजूरी
हरियाणा कैबिनेट बैठक में 27 एजेंडों को मंजूरी दी गई। बीसीए-बीसीबी प्रमाण पत्रों को वैध माना गया और NCR में EV व CNG वाहनों को बढ़ावा देने का फैसला लिया गया।
➤ हरियाणा कैबिनेट की 6 घंटे चली बैठक, 27 एजेंडों को मंजूरी
➤ बीसीए-बीसीबी प्रमाण पत्रों को वैध मानने का बड़ा फैसला
➤ NCR में अब CNG, EV और क्लीन फ्यूल वाहन चलाने पर जोर
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। करीब 6 घंटे चली इस बैठक में कुल 27 एजेंडों पर चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि सरकार ने युवाओं, उद्योग, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े अहम मुद्दों पर राहत देने वाले फैसले किए हैं।
कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फैसला बीसीए और बीसीबी प्रमाण पत्रों को लेकर लिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि इन प्रमाण पत्रों को वैध माना जाएगा। इससे प्रदेश के हजारों छात्रों और युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा सरकार ने NCR क्षेत्र में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वाहनों से जुड़े नियमों में बदलाव का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि NCR में अब CNG, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और क्लीन फ्यूल आधारित गाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सरकार ने फैसला लिया कि शिक्षा विभाग में फील्ड कैडर के पद अब केवल प्रमोशन और डेपुटेशन के माध्यम से ही भरे जाएंगे।
उद्योग क्षेत्र को लेकर भी सरकार ने अहम निर्णय लिया। औद्योगिक क्षेत्रों में बनी अनाधिकृत कॉलोनियों को विशेष नीति के दायरे में शामिल करने को मंजूरी दे दी गई है। इससे हजारों लोगों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वयं सहायता समूहों को डेयरी स्थापित करने हेतु भूमि पट्टे पर देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे।
कैबिनेट बैठक में औद्योगिक नीति 2026 को भी मंजूरी दी गई। सरकार का दावा है कि नई नीति से निवेश बढ़ेगा और उद्योगों को नई सुविधाएं मिलेंगी।
इसी बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। परिवहन विभाग ने प्रस्ताव दिया है कि हरियाणा में अब इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह फ्री किया जाए।
इससे पहले राज्य में ईवी वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही थी, लेकिन अब सरकार इसे बढ़ाकर 100 प्रतिशत तक माफ करने की तैयारी में है। यानी दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया ईवी वाहनों पर रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स नहीं लिया जाएगा।
सरकार यह फैसला पड़ोसी राज्यों चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर लागू करने जा रही है। दरअसल, चंडीगढ़ में पहले से ईवी वाहनों पर रजिस्ट्रेशन शुल्क फ्री होने के कारण हरियाणा के लोग भी वहां रजिस्ट्रेशन करवा रहे थे। इसके बाद हरियाणा सरकार पर भी ऐसा कदम उठाने का दबाव बढ़ गया था।
सूत्रों के अनुसार नई ईवी नीति में भविष्य में सब्सिडी देने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि फिलहाल केवल फ्री रजिस्ट्रेशन और टैक्स छूट के प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में प्रदूषण कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।
Akhil Mahajan