हरियाणा में पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त पर अपडेट

पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त फरवरी में आने की संभावना। हरियाणा के किसानों के लिए e-KYC, भू-सत्यापन, आधार-बैंक लिंक और DBT जरूरी, वरना किस्त अटक सकती है।

हरियाणा में पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त पर अपडेट

• हरियाणा के लाखों किसान पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त का कर रहे इंतजार
• फरवरी में किस्त जारी होने की संभावना, e-KYC और रिकॉर्ड अपडेट जरूरी
• हरियाणा में भू-सत्यापन और DBT अधूरा होने पर अटक सकता है पैसा



प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक सरकार 21 किस्तें जारी कर चुकी है। अब देश के साथ-साथ हरियाणा के लाखों किसान 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि फरवरी महीने में 22वीं किस्त जारी हो सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यदि किस्त फरवरी में जारी होती है तो हरियाणा के किसानों के खातों में भी कुछ ही हफ्तों में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। हालांकि इस बार भी योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनका रिकॉर्ड पूरी तरह सही और अपडेट होगा।

सरकार ने साफ कर दिया है कि पीएम किसान योजना के तहत e-KYC सबसे जरूरी प्रक्रिया है। बिना e-KYC किसी भी किसान को 22वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। हरियाणा में बड़ी संख्या में किसानों की e-KYC अभी भी लंबित बताई जा रही है। किसान पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

इसके साथ ही आधार और बैंक खाते को लिंक करना भी अनिवार्य है। जिन हरियाणा के किसानों के बैंक खातों में नाम, जन्मतिथि या आधार विवरण में गड़बड़ी है, उनकी किस्त अटक सकती है। बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) का सक्रिय होना भी जरूरी शर्त है।

भू-सत्यापन को लेकर भी सरकार सख्त है। जिन किसानों ने अब तक जमीन का सत्यापन नहीं कराया, उन्हें यह प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी। हरियाणा में कई जिलों से यह जानकारी सामने आई है कि भू-सत्यापन अधूरा होने के कारण पिछली किस्तों में भी भुगतान रुका था।

सरकार का कहना है कि यदि किसान समय रहते e-KYC, आधार-बैंक लिंक, DBT और भू-सत्यापन जैसे जरूरी काम पूरे नहीं करते हैं, तो 22वीं किस्त का पैसा रोका जा सकता है। ऐसे में हरियाणा के किसानों को सलाह दी गई है कि वे अभी से अपने दस्तावेज और रिकॉर्ड की जांच कर लें, ताकि बिना किसी रुकावट के योजना का लाभ मिलता रहे।