EMI न चुकाने पर बंद हो जाएंगे आपके मोबाइल-टीवी, RBI बना रहा नई व्यवस्था

RBI EMI पर खरीदे गए मोबाइल, टीवी, लैपटॉप जैसे प्रोडक्ट को लॉक करने की व्यवस्था बना रहा है। EMI न चुकाने पर बैंक दूर से डिवाइस बंद कर सकेंगे। जानें फायदे, नुकसान और डेटा सुरक्षा के सवाल।

EMI न चुकाने पर बंद हो जाएंगे आपके मोबाइल-टीवी, RBI बना रहा नई व्यवस्था

RBI बना रहा EMI डिफॉल्ट पर प्रोडक्ट लॉक सिस्टम
मोबाइल-टीवी-लैपटॉप EMI न चुकाने पर दूर से बंद होंगे
अमेरिका-कनाडा जैसे देशों में पहले से लागू टेक्नोलॉजी


विस्तृत खबर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब उपभोक्ता कर्जों की वसूली आसान करने के लिए एक नई व्यवस्था बनाने की तैयारी कर रहा है। इस व्यवस्था के तहत यदि ग्राहक समय पर EMI का भुगतान नहीं करता तो उसके द्वारा कर्ज पर खरीदे गए मोबाइल, टीवी, लैपटॉप, वॉशिंग मशीन जैसे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट को दूर से ही बंद किया जा सकेगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, RBI ने इस विषय पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों से चर्चा की है। यह कदम खास तौर पर छोटे उपभोक्ता कर्ज (Consumer Loans) पर लागू होगा, जिनमें अब तक कोई कोलेटरल (संपत्ति गिरवी) नहीं रखना पड़ता था। वित्तीय विशेषज्ञ आदिल शेट्टी का कहना है कि यह व्यवस्था लागू होते ही ये कर्ज सिक्योर्ड लोन की श्रेणी में आ जाएंगे। यानी ब्याज दरें (जो अभी 14-16% तक हैं) घटनी होंगी, क्योंकि प्रोडक्ट खुद बैंकों के लिए सुरक्षा बन जाएगा।

कैसे होगा लागू?
कंपनी या बैंक प्रोडक्ट में पहले से एक सॉफ्टवेयर/एप इंस्टॉल करेंगे। जैसे ही ग्राहक EMI चुकाना बंद करेगा, यह सॉफ्टवेयर डिवाइस को लॉक कर देगा। ग्राहक उस फोन या लैपटॉप का उपयोग तब तक नहीं कर पाएगा, जब तक कि बाकी राशि चुकता न हो जाए।

क्या डेटा सुरक्षित रहेगा?
नई व्यवस्था में यह जरूरी होगा कि ग्राहक की पूर्व सहमति ली जाए और डिवाइस लॉक होने पर भी उसका निजी डेटा सुरक्षित रहे। हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि बैंकों और वित्तीय कंपनियों को लाखों ग्राहकों के डेटा तक पहुंच मिली तो डेटा लीक, ब्लैकमेलिंग और साइबर अपराध बढ़ सकते हैं।

किन प्रोडक्ट्स में संभव है?

  • मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी जैसे डिजिटल प्रोडक्ट्स में आसानी से संभव

  • कार और बाइक में भी संभव, जैसा अमेरिका और कनाडा में पहले से हो रहा है

  • फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे उपकरणों में तकनीकी रूप से संभव, लेकिन भारत जैसे बाजार में अभी सीमित

  • फर्नीचर या साधारण बाइक जैसे गैर-डिजिटल सामान पर यह सिस्टम लागू नहीं हो सकेगा

विदेशों में स्थिति

  • अमेरिका: कार लोन में किल स्विच तकनीक लागू, EMI न भरने पर गाड़ी स्टार्ट नहीं होती

  • कनाडा: स्टार्टर इंटरप्ट डिवाइस से भुगतान न होने पर वाहन बंद

  • अफ्रीका (केन्या, नाइजीरिया): पे-एज-यू-गो सोलर सिस्टम, EMI न चुकाने पर कंपनी पैनल/बैटरी बंद कर देती है

फायदे और नुकसान

  • फायदा: डिफॉल्ट केस घटेंगे, बैंकों का भरोसा बढ़ेगा, कमजोर क्रेडिट वाले भी EMI पर सामान खरीद पाएंगे

  • नुकसान: उपभोक्ता अधिकार प्रभावित होंगे, जरूरत की सेवाएं (फोन, कार) बंद होने से शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा

क्यों जरूरी?
देश में छोटे कर्जों का हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है। होम क्रेडिट फाइनेंस की 2024 की स्टडी कहती है कि देश में एक-तिहाई से ज्यादा उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स EMI पर खरीदते हैं। CRIF हाईमार्क के अनुसार, 1 लाख रुपये से कम के लोन में डिफॉल्ट दर सबसे ज्यादा है। इस कदम से स्थिति में सुधार संभव है।