जेल मंत्री का सोनीपत कारागार में औचक निरीक्षण
सोनीपत जिला कारागार में जेल मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने औचक निरीक्षण कर बंदियों के कौशल विकास, खानपान, सुरक्षा और हरियाली बढ़ाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
• जेल मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा का सोनीपत जिला कारागार में औचक निरीक्षण
• बंदियों के कौशल विकास, खानपान और स्वास्थ्य सुविधाओं की ली व्यक्तिगत जानकारी
• जेल परिसर में हरियाली, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं में सुधार के निर्देश
सोनीपत के गोहाना रोड स्थित जिला कारागार में वीरवार को सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने औचक निरीक्षण किया और जेल की सभी प्रमुख व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने बंदियों के कौशल विकास कार्यक्रमों से लेकर खानपान की गुणवत्ता तक प्रत्येक पहलू की व्यक्तिगत जानकारी लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मूलभूत सुविधाओं में निरंतर सुधार किया जाए।
डॉ. शर्मा राज्य स्तरीय अंत्योदय मेले में शिरकत करने पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने जिला कारागार का आकस्मिक दौरा किया। निरीक्षण की शुरुआत जेल विभाग द्वारा संचालित पेट्रोल पंप से हुई, जहां बंदी निगरानी में वाहनों में ईंधन भरते दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने जेल अधीक्षक राजेंद्र सिंह के साथ रसोईघर का निरीक्षण किया और बंदियों के भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और प्रबंधन की पूरी जांच की। मंत्री ने निर्देश दिए कि राशन प्रबंधन बेहतर रखा जाए और खाने की बर्बादी रोकने के लिए बंदियों को जागरूक किया जाए।
जेल मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेंटर का भी निरीक्षण किया और कैदियों की ऑनलाइन पेशी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से समय की बचत होती है और सुरक्षा प्रबंधन पर आने वाला अतिरिक्त दबाव खत्म होता है। उन्होंने इसे एक प्रभावी और आधुनिक प्रणाली बताया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने जेल परिसर में हरियाली बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने जेल फैक्ट्री का दौरा किया जिसमें सिलाई यूनिट, बेकिंग यूनिट, बढ़ईगिरी सेक्शन और गोदाम का गहन निरीक्षण किया। बंदियों से संवाद कर उनकी दिनचर्या, कार्यप्रणाली और कौशल विकास गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने बंदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रशंसा भी की।
रेडियो जॉकी सेंटर का दौरा करते हुए उन्होंने कैदियों की रचनात्मक गतिविधियों की भी सराहना की और इसे पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। जेल मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर बंदी के स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए और किसी भी कीमत पर नशे की सामग्री जेल परिसर के भीतर न पहुंचने पाए।
Author1