दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटरों को हरियाणा एसटीएफ ने किया ढ़ेर, जानें कहां हुआ एनकाउंटर

सोनीपत एसटीएफ और उत्तर प्रदेश पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में दिशा पाटनी के आवास पर फायरिंग के मुख्य शूटर रविंद्र और अरुण को गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी में एनकाउंटर में मार गिराया गया है; मौके से दो ऑटोमेटिक पिस्टल बरामद हुईं और जांच जारी है

दिशा पाटनी के घर  फायरिंग करने  वाले दोनों शूटरों को हरियाणा एसटीएफ ने  किया ढ़ेर, जानें कहां हुआ  एनकाउंटर

➤सोनीपत एसटीएफ ने गाजियाबाद ट्रोनिका सिटी में दो मुख्य शूटर ढेर किए
एनकाउंटर में बरामद दो आधुनिक ऑटोमेटिक पिस्टल और 1-1 लाख रुपए का इनाम
ऑपरेशन का नेतृत्व इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार ने किया और जांच जारी

सुशील मोर



सोनीपत एसटीएफ की टीम ने गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी में एक सुनियोजित ऑपरेशन कर उन दो आरोपियों को मार गिराया जो हाल में दिशा पाटनी के आवास पर हुई फायरिंग के मुख्य शूटर बताए जा रहे थे। अधिकारीयों के मुताबिक एनकाउंटर में मारे गए दोनों अपराधियों की पहचान रविंद्र (रोहतक) और अरुण (सोनीपत) के रूप में हुई है और उन्हें लेकर लंबी समय से जांच-पड़ताल और मॉनिटरिंग चल रही थी। पुलिस ने कहा कि दोनों आरोपी विदेश में बैठे गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े थे और उनकी गतिविधियों पर सतर्कता बरती जा रही थी।

सोनीपत एसटीएफ यूनिट का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने सुबह इलाके की घेराबंदी कर जब्त किए गए सुरागों के आधार पर जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों को दो-दो गोली लगीं, इन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मौके से दो आधुनिक ऑटोमेटिक पिस्टल बरामद की गई हैं जिनकी ballistic जांच और हथियारों की खरीद-फरोख्त की तहकीकात की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इन दोनों पर 1-1 लाख रुपए का ईनाम रखा गया था और उनकी भूमिका गंभीर आयोजक और अंजाम देने वाले शूटर की बताई जा रही है।

हरियाणा एसटीएफ के एसपी वसीम अकरम ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह कार्रवाई सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों का हिस्सा है और आगे भी ऐसे किसी भी गैंग संबंधी नेटवर्क पर सख्त दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती पूछताछ और तकनीकी बरामदियों से कई और सुराग हाथ लग सकते हैं जिनके आधार पर गिरोह के तार विदेश तक पहुँचते हैं इसलिए जांच को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सतर्कता से जोड़ा जा रहा है।

घटना ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि फिल्म-सेलेब्रिटी सुरक्षा के मामले में जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है और स्थानीय-राज्य स्तर की पुलिस-इंटेलिजेंस तंत्र कितनी जल्दी गंभीर अपराधियों तक पहुंच बना पाती है। पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई फास्ट-ट्रैक मॉनिटरिंग और दोनो राज्यों के बीच समन्वय का नतीजा है, वहीं नागरिक-सुरक्षा के प्रशंसक इस सफलता पर राहत महसूस कर रहे हैं। अब जांच यह निर्धारित करेगी कि ये आरोपी किस किस घटना में सीधे शामिल रहे हैं और उनके संभावित आकाओं तक पहुंचने के क्या सबूत मिलते हैं।