ट्रंप ने दिए टैरिफ वापसी के संकेत!
ट्रम्प ने कहा कि वह भारत और PM मोदी के करीब हैं, लेकिन रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर प्रतिबंध लगाया। जन्मदिन कॉल से रिश्तों में नरमी आई और ट्रेड डील पर बातचीत की संभावना बढ़ी।
➤ ट्रम्प ने कहा भारत और मोदी उनके करीब, फिर भी रूस से तेल खरीद पर लगाया बैन
➤ ट्रेड डील पर फिर से बातचीत की संभावनाएं, जन्मदिन पर फोन कॉल से रिश्तों में नरमी
➤ अमेरिका की कड़ी शर्तें — रूस से तेल खरीद बंद, BRICS से दूरी और डॉलर का समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लंदन में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत करीब हैं, लेकिन रूस से तेल खरीदने की वजह से उन्हें भारत पर प्रतिबंध लगाना पड़ा।
13 फरवरी 2025 को वॉशिंगटन में हुई मोदी-ट्रम्प द्विपक्षीय बैठक के बाद से दोनों नेताओं की नजदीकियां लगातार चर्चा में हैं। ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्होंने हाल ही में मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं और बदले में प्रधानमंत्री ने गर्मजोशी से जवाब दिया।
ट्रम्प ने साफ किया कि यूरोप और चीन पर भी उन्हें इसी कारण बैन लगाना पड़ा क्योंकि जब तक ये देश रूस से तेल खरीद रहे हैं, तब तक अमेरिका का मकसद अधूरा है। उन्होंने कहा, "मैं उन लोगों के लिए लड़ रहा हूं, जो रूस से तेल खरीद रहे हैं।"
सितंबर में ट्रम्प ने दो बार सोशल मीडिया पर मोदी को अपना दोस्त बताया था और भारत-अमेरिका रिश्तों को रीसेट करने की इच्छा जताई थी। मोदी ने भी इन बयानों का समर्थन करते हुए साझेदारी को सकारात्मक और रणनीतिक बताया।
हालांकि, भारत पर 50% टैरिफ लगाए जाने से द्विपक्षीय रिश्ते में खटास आ गई थी। अमेरिकी अखबारों में दावा किया गया था कि मोदी ने हाल के हफ्तों में ट्रम्प के चार फोन कॉल रिसीव नहीं किए। लेकिन 17 सितंबर को हुए जन्मदिन पर बातचीत से रिश्तों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जन्मदिन की कॉल और दिल्ली में हुई प्रतिनिधियों की बैठक के बाद ट्रेड डील पर फिर से बातचीत शुरू हो सकती है। अमेरिका के उद्योग मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने टैरिफ हटाने की तीन शर्तें रखी हैं — भारत को रूस से तेल खरीद बंद करनी होगी, BRICS से दूरी बनानी होगी और डॉलर आधारित सिस्टम को सपोर्ट करना होगा।
अमेरिका की अदालतों में भी टैरिफ लगाने को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है। ट्रम्प ने कहा कि भारत पर टैरिफ रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए जरूरी है और अगर यह नहीं किया गया तो अमेरिका को भारी नुकसान होगा।
ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया भर की नजरें भारत-अमेरिका रिश्तों और ट्रेड डील पर टिकी हैं। आने वाले हफ्ते इस दिशा में निर्णायक हो सकते हैं।
Akhil Mahajan