बंगाल में दिखा योगी मॉडल, CM सुवेंदु की भगवा कुर्सी ने मचाई हलचल

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की प्रशासनिक बैठक की तस्वीरें चर्चा में हैं। भगवा कुर्सी और योगी मॉडल जैसी कार्यशैली को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।

बंगाल में दिखा योगी मॉडल, CM सुवेंदु की भगवा कुर्सी ने मचाई हलचल

बंगाल की प्रशासनिक बैठक में भगवा कुर्सी ने खींचा सबका ध्यान

बंगाल की पहली कैबिनेट बैठक में सुवेंदु सरकार के 6 बड़े फैसले

➤ राज्य की कानून-व्यवस्था पर सुवेंदु ने दी कड़ी कार्रवाई के संकेत


पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों एक नई तस्वीर चर्चा का विषय बनी हुई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की पहली ही प्रशासनिक बैठक ने राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ-साथ कार्यशैली में भी बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं। हाल ही में नबन्ना (सचिवालय) में आयोजित एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सुवेंदु अधिकारी ठीक उसी अंदाज में नजर आए, जिसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जाने जाते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में सीएम सुवेंदु जिस कुर्सी पर बैठे हैं, उस पर भगवा तौलिया बिछा हुआ है। इसे केवल एक रंग नहीं, बल्कि बंगाल में 'योगी मॉडल' के आगाज के तौर पर देखा जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला, गृह सचिव संघमित्रा घोष, डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता और कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद जैसे दिग्गज अधिकारी मौजूद थे। बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य की चरमराई कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाना और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना था। सुवेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार पारदर्शी और कुशल शासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुवेंदु अधिकारी जानबूझकर अपनी छवि को योगी आदित्यनाथ के साथ जोड़ रहे हैं, ताकि बंगाल में 'कठोर शासन' का संदेश दिया जा सके।

गौरतलब है कि शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भी योगी आदित्यनाथ और सुवेंदु अधिकारी के बीच गहरी निकटता देखी गई थी, जब योगी ने सुवेंदु को भगवा स्कार्फ पहनाकर बधाई दी थी। अब प्रशासनिक बैठकों में भी भगवा रंग की मौजूदगी यह दर्शाती है कि बंगाल की राजनीति अब एक नई दिशा की ओर बढ़ रही है, जहाँ हिंदुत्व और सख्त प्रशासन का तालमेल देखने को मिल सकता है।

बंगाल का सीएम बनते ही सुवेंदु अधिकारी ने लिए 6 बड़े   

फैसले

इन 6 फैसलों पर लगी मुहर


  • अत्याचार पीड़ितों के लिए सुरक्षा: जिन परिवारों पर अत्याचार हुए हैं, उन्हें सामाजिक सुरक्षा देने और उनकी पूरी जिम्मेदारी लेने का फैसला लिया गया।
  • आयुष्मान भारत योजना: आयुष्मान भारत योजना को अब बंगाल में लागू किया जाएगा।
  • BSF को बाड़ के लिए जमीन: सीमा सुरक्षा बल (BSF) को तारबंदी (बाड़) के लिए 45 दिनों के अंदर जमीन देने का फैसला लिया गया।
  • BNS (भारतीय न्याय संहिता): राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) को लागू करने पर मंजूरी।
  • विस्थापितों को अधिकार: शरणार्थियों और विस्थापितों को भूमि अधिकार देने पर निर्णय लिया गया।
  • IAS/IPS अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग:पश्चिम बंगाल कैडर के IAS और IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए भेजा जाएगा, जिनका इस्तेमाल पिछली सरकार ने नहीं किया था

पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के सभी संबंधित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक और प्रभावी रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता ने जिस भरोसे के साथ नई सरकार को समर्थन दिया है, उसे पूरी मजबूती से निभाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ‘डबल इंजन सरकार’ के तहत विकास से जुड़े सभी अधूरे कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया में सहयोग देने वाले सभी पक्षों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मतदाताओं, चुनाव आयोग, केंद्रीय सुरक्षा बलों, पुलिस अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और सभी राजनीतिक दलों को धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार संघर्ष और हिंसा के दौरान जान गंवाने वाले 321 लोगों के परिवारों के लिए भी संवेदनशील है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पीड़ित परिवार चाहेंगे, तो सरकार इन मामलों की जांच शुरू करेगी और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

कैबिनेट बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था, सीमा सुरक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए BSF को जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य इस प्रक्रिया को अगले 45 दिनों के भीतर पूरा करना है।

बैठक में सबसे बड़ा फैसला आयुष्मान भारत योजना को पश्चिम बंगाल में लागू करने को लेकर लिया गया। लंबे समय से यह योजना राज्य में लागू नहीं थी, लेकिन अब सरकार ने इसे शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा जन आरोग्य योजना और केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं को भी राज्य में लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

सरकार ने युवाओं को राहत देते हुए सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी करने का भी फैसला लिया है। माना जा रहा है कि इससे बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं को फायदा मिलेगा।

इसके साथ ही राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने को भी मंजूरी दे दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे कानून व्यवस्था को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाया जाएगा।

कैबिनेट ने शरणार्थियों और विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार देने के फैसले पर भी सहमति जताई। सरकार का दावा है कि इससे वर्षों से अधिकारों की मांग कर रहे हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।

एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मुख्य सचिव को यह अधिकार दिया गया कि वह राज्य कैडर के IAS और IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर सकें। सरकार का कहना है कि पिछली सरकार के समय इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का पूरा लाभ नहीं लिया गया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहली ही कैबिनेट बैठक में लिए गए ये फैसले सुवेंदु अधिकारी सरकार की प्राथमिकताओं और प्रशासनिक दिशा को स्पष्ट कर रहे हैं। इससे यह संकेत भी मिल रहे हैं कि नई सरकार कानून-व्यवस्था, केंद्र की योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष जोर देने वाली है।