IDFC फर्स्ट बैंक मामले पर CM सैनी का बयान: “सरकार का एक-एक पैसा सुरक्षित, दोषियों पर सख्त कार्रवाई”
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने IDFC फर्स्ट बैंक मामले पर बयान देते हुए कहा कि सरकारी खातों के मिलान में गड़बड़ी पाई गई थी, जिसे तुरंत चिन्हित कर मामला एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दिया गया है। सरकार का एक-एक पैसा सुरक्षित है।
■ पुराने समय से अलग-अलग बैंकों में रखी जाती रही सरकारी राशि
■ खातों के मिलान में गड़बड़ी, तुरंत खाता बंद करने के निर्देश
■ मामला एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंपा, उच्चस्तरीय कमेटी गठित
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े मामले पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन पूर्व में अलग-अलग बैंकों में रखा जाता रहा है और IDFC फर्स्ट बैंक में भी कुछ विभागों की राशि जमा थी।
सीएम ने कहा कि सरकार ने प्रो-एक्टिव तरीके से बैंक खातों का मिलान कराया। जनवरी माह के मध्य में कुछ खातों का मिलान नहीं हो पाया। इसके तुरंत बाद सरकार ने बैंक को संबंधित खाता बंद करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि बैंक ने 21 तारीख को पत्र लिखा, जबकि उससे पहले ही सरकार की ओर से बैंक से कम्युनिकेशन किया जा चुका था। सरकार ने बैंक को संपूर्ण राशि ब्याज सहित अधिकृत बैंक में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।
सीएम सैनी ने कहा कि इस मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका सामने आ रही है। हरियाणा सरकार के विभागों ने इस गड़बड़ी को चिन्हित किया। पूरा मामला एंटी करप्शन ब्यूरो को जांच के लिए सौंप दिया गया है।
इसके साथ ही एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की जा रही है, जो पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “सरकार का एक-एक पैसा सुरक्षित है और पूरा पैसा वापस लेकर आएंगे।”
Akhil Mahajan