हरियाणा में ईमानदारी की ऐसी मिसाल, सब हैरान : गलती से कबाड़ में बेच दिए लाखों के आभूषण और कबाड़ी ने लौटाए

एक कबाड़ी ने कबाड़ में मिले करीब 100 ग्राम सोने के गहने, जिनकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये थी, ईमानदारी दिखाते हुए असली मालिक को लौटा दिए।

हरियाणा में ईमानदारी की ऐसी  मिसाल, सब हैरान : गलती से कबाड़ में बेच दिए लाखों के आभूषण और कबाड़ी ने लौटाए

■ कबाड़ी को कबाड़ में मिला 100 ग्राम सोना, कीमत करीब 15 लाख रुपये
■ दिवाली सफाई में गलती से बेच दिया था परिवार ने गहनों का थैला
■ एसीपी कार्यालय में औपचारिक रूप से लौटाए गए जेवर


फरीदाबाद में एक कबाड़ी ने ऐसी ईमानदारी दिखाई जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। कबाड़ के बीच से मिले करीब 100 ग्राम सोने के गहनों को, जिनकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई है, उसने बिना किसी लालच के उनके असली मालिक को लौटा दिया। यह पूरा घटनाक्रम एसीपी बल्लभगढ़ के कार्यालय में औपचारिक रूप से संपन्न हुआ, जहां पुलिस की मौजूदगी में गहने मालिक को सौंपे गए।

जानकारी के अनुसार सोने के ये गहने अशोक शर्मा के परिवार के थे। परिवार ने जनवरी में कुंभ मेले में जाने से पहले चोरी से बचाने के लिए गहनों को एक डिब्बे में रखकर घर में एक बोरे के अंदर सुरक्षित रख दिया था। लेकिन दिवाली की सफाई के दौरान वही बोरा गलती से कबाड़ समझकर बेच दिया गया। बाद में जब परिवार को अपनी भूल का एहसास हुआ तो वे काफी परेशान हो गए।

शर्मा ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि गहने कबाड़ के साथ बिक गए हैं तो वे तुरंत कबाड़ी के पास पहुंचे, लेकिन उस समय जेवर नहीं मिल पाए। निराश होकर परिवार घर लौट आया।

करीब चार महीने बाद कबाड़ी हाजी अख्तर खान कबाड़ छांटते समय कागज में लिपटा वह पैकेट मिला, जिसमें सोने के गहने थे। जैसे ही उन्हें समझ आया कि यह कीमती सामान है, उन्होंने बिना देर किए पुलिस से संपर्क किया और गहनों को एसीपी कार्यालय में जमा करा दिया।

हाजी अख्तर खान ने कहा कि सोना मिलने के बाद उन्हें लगा कि इसे उसके असली मालिक तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है और उनके परिवार ने भी इस फैसले में पूरा साथ दिया। एसीपी जितेश मल्होत्रा ने कबाड़ी की ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह घटना साबित करती है कि समाज में आज भी ईमानदारी जिंदा है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने कीमती सामान के प्रति सतर्क रहें। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए राहत भरी रही, बल्कि समाज में भरोसे और नैतिक मूल्यों की मिसाल भी बन गई।