'सात दिनों के भीतर माफी मांगें', ओपी चौटाला के खिलाफ टिप्पणी कर फंसे बीजेपी MLA रामकुमार, दुष्यंत ने भेजा नोटिस

ओमप्रकाश चौटाला पर टिप्पणी को लेकर हरियाणा की राजनीति गरमा गई है। दुष्यंत चौटाला ने बीजेपी विधायक रामकुमार गौतम को कानूनी नोटिस भेजते हुए 7 दिन में माफी मांगने को कहा है।

'सात दिनों के भीतर माफी मांगें', ओपी चौटाला के खिलाफ टिप्पणी कर फंसे बीजेपी MLA रामकुमार, दुष्यंत ने भेजा नोटिस

➤ दुष्यंत चौटाला ने बीजेपी विधायक रामकुमार गौतम को भेजा कानूनी नोटिस

➤ ओमप्रकाश चौटाला पर टिप्पणी को बताया मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण

➤ सात दिन में माफी नहीं मांगने पर दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी


हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद गहरा गया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सफीदों से भाजपा विधायक रामकुमार गौतम को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ भेजा गया है।

दुष्यंत चौटाला की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि रामकुमार गौतम द्वारा मीडिया में दिए गए बयान से स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला की प्रतिष्ठा, सम्मान और राजनीतिक विरासत को ठेस पहुंची है।

दिल्ली के अधिवक्ता प्रतीक सोम के माध्यम से भेजे गए इस नोटिस में आरोप लगाया गया है कि विधायक रामकुमार गौतम ने प्रेस में बयान दिया था कि स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला ब्राह्मण समाज के खिलाफ थे।

नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया कि गौतम ने कथित तौर पर यह बयान दिया कि चौटाला ने कभी कहा था कि “न बीजेपी रहेगी और न ब्राह्मण।” दुष्यंत चौटाला की ओर से इसे पूरी तरह झूठा, निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताया गया है।

नोटिस में चौटाला परिवार की राजनीतिक विरासत का भी जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया कि पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल और पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने हमेशा सभी वर्गों और समुदायों के हित में काम किया।

नोटिस के अनुसार ओमप्रकाश चौटाला पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे और उन्होंने कभी किसी जाति, धर्म या राजनीतिक दल के खिलाफ दुर्भावना नहीं रखी।

कानूनी नोटिस में कहा गया है कि रामकुमार गौतम का बयान न केवल मानहानिकारक है बल्कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला और समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने वाला भी है।

दुष्यंत चौटाला की ओर से विधायक रामकुमार गौतम से सात दिन के भीतर सार्वजनिक रूप से बयान वापस लेने और माफी मांगने की मांग की गई है। साथ ही भविष्य में इस तरह की टिप्पणी न करने को कहा गया है।

नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय के भीतर जवाब नहीं दिया गया तो उनके खिलाफ दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि रामकुमार गौतम भाजपा में शामिल होने से पहले दुष्यंत चौटाला की पार्टी जननायक जनता पार्टी (JJP) से नारनौंद के विधायक रह चुके हैं। पिछले कुछ समय से दोनों नेताओं के बीच लगातार राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल रही है।