सीएम सैनी ने कहा- धान खरीद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, हर मंडी में HCS अधिकारी तैनात होंगे

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में कहा कि धान खरीद प्रक्रिया में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। हर मंडी में HCS अधिकारी तैनात किए जाएंगे, डीसी और वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण करेंगे और स्वच्छता में अव्वल शहर अन्य नगरपालिकाओं को मार्गदर्शन देंगे।

सीएम सैनी ने कहा- धान खरीद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, हर मंडी में HCS अधिकारी तैनात होंगे

धान खरीद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
हर मंडी में HCS स्तर का अधिकारी तैनात
स्वच्छता में अव्वल शहर अब अन्य नगरपालिकाओं को मार्गदर्शन देंगे


हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में मीडिया से बात करते हुए फिर एक बार स्पष्ट किया कि जनता इस सरकार की असल मालकिन है और सरकार के सारे निर्णय किसानों के हित को केंद्र में रखकर लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील है और धान खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक मंडी में HCS स्तर का एक अधिकारी तैनात किया जाए ताकि खरीद-प्रक्रिया की निगरानी कड़ी बन सके और जो भी गड़बड़ी सामने आए, उसका त्वरित समाधान हो सके।

सीएम ने बताया कि जिला उपायुक्तों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को आदेश हैं कि वे गेट-पास, पोर्टल व उठान प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनवाएँ। डीसी स्वयं मंडियों का दौरा करेंगे और वरिष्ठ अधिकारी हर अपने-अपने विभाग की तैयारियों की समीक्षा के साथ कम से कम दो-दो मंडियों का निरीक्षण करेंगे। उनका उद्देश्य स्पष्ट है कि प्रत्येक किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और मंडियों में सभी प्रक्रियाएँ पारदर्शी, सुलभ व दुरुस्त बनें।

धान खरीद के संबंध में सैनी ने माना कि कुछ स्थानों पर नमी की समस्या आ सकती है, पर खरीद का काम रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में तकनीकी विकल्पों पर विचार चल रहा है और किसानों की मांग पर मंडियों में इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगाने पर भी चर्चा हो रही है ताकि वजन व माप में पारदर्शिता और भरोसा बढ़े। जहां भी इन्फ्रास्ट्रक्चर या मैनपावर की कमी होगी, अधिकारी और मेयर जाकर समस्या का समाधान करेंगे — यह भी सीएम का कहना था।

करनाल में मीटिंग लेते सीएम नायब सैनी।

स्वच्छता अभियान को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि देशभर की राज्यों की बैठक केंद्रीय स्तर पर हुई और इसमें तय हुआ कि जो शहर स्वच्छता रैंकिंग में अव्वल हैं, वे अन्य नगरपालिकाओं को मार्गदर्शन देंगे। इसके तहत करनाल नगर निगम को पाँच नगरपालिकाओं — सीवन, इस्माइलाबाद, नारनौंद, कलावाली और राजौंद — का मार्गदर्शक बनाया गया है। वहीं सोनीपत को भी पांच नगरपालिकाएँ सौंपी गई हैं — होडल, नारनौल, पटौदी मंडी, फरूखनगर और कुंडली। सीएम ने कहा कि यह व्यवस्था इसलिए है ताकि स्वच्छता के अच्छे अनुभव और ऑपरेशनल रणनीतियाँ एक शहर से अन्य शहरों तक पहुंचें और पूरे प्रदेश में स्वच्छता का स्तर सुधर सके।

बैठक में मौजूद विधायक व अन्य भाजपा नेता।

मैनपावर और भर्ती रणनीति पर भी चर्चा मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि हाल ही में प्रदेश के सभी ईओ, डीएम व सेक्रेटरी की बैठक में विस्तृत रणनीति बनाई गई है। बैठक दिनभर चली और इसमें यह निर्णय लिया गया कि अपनाई गई योजनाओं के तहत एडॉप्टेड शहरों में जॉइंट ऑपरेशन चला कर सफाई कार्यों को और बेहतर बनाया जाएगा तथा नगरपालिका स्तर पर संसाधन-वितरण और मानवशक्ति की कमी दूर करने के उपाय निकाले जाएँगे।

धान खरीद और स्वच्छता के साथ ही मुख्यमंत्री ने विपक्ष के बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा किसानों को 3100 रुपए बोनस देने के बयान पर सैनी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष का काम केवल बयान देना है; जब कांग्रेस सत्ता में थी तब किसानों के लिए क्या किया गया यह सबके सामने है। उन्होंने एक तंज में कहा कि पहले के जमाने में किसानों को दो रुपए के चेक मिलते थे, जिनके क्लियर होने पर किसान को नया बैंक खाता खोलने पर 500 रुपए खर्च करने पड़ते थे और मजबूरी में किसान वह चेक फाड़ देते थे। सैनी ने बताया कि वर्तमान भाजपा सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू कर दिया है ताकि प्राकृतिक आपदा या किसी नुकसान की भरपाई सीधे, त्वरित और पारदर्शी तरीके से की जा सके।

करनाल पहुंचने पर सीएम नायब सैनी का स्वागत करते जिला अध्यक्ष प्रवीन लाठर।

करनाल आगमन पर सीएम का स्वागत जिला अध्यक्ष प्रवीन लाठर ने किया और बैठक में स्थानीय विधायक व अन्य भाजपा नेता भी मौजूद रहे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने दोहराया कि मंडियों में निगरानी तेज रहेगी और जो अधिकारियों को तैनात किया गया है वे सक्रिय होंगे ताकि किसानों को आरटी-पी और भुगतान में किसी भी तरह की देरी या धांधली न हो।

सरकार की हिदायत स्पष्ट है — खरीद प्रक्रिया में अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी; जहां जरूरी होगा, वहाँ इलेक्ट्रॉनिक कांटे और अन्य तकनीकी सुधार लागू किए जाएंगे; और मंडियों में समुचित निगरानी के साथ ही प्रशिक्षण, निरीक्षण और शिकायत निवारण के तंत्र को मज़बूत किया जाएगा। सरकार ने यह भी कहा कि जो शहर स्वच्छता में अव्वल रहे हैं वे अब मार्गदर्शक बनकर अन्य नगरपालिकाओं को व्यवहारिक समाधान व सलाह देंगे ताकि पूरे प्रदेश का मानक उठ सके।