हरियाणा में रसोई गैस के लिए भागमभाग
हरियाणा में गैस सिलेंडर की कमी के कारण एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगह डिलीवरी के लिए 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है और कॉमर्शियल गैस की कमी से ढाबा-होटलों में दाम बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
■ हरियाणा में गैस सिलेंडर की किल्लत से मचा हाहाकार
■ डिलीवरी के लिए 20-25 दिन इंतजार, एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें
■ कॉमर्शियल गैस की कमी से ढाबा-होटलों में रेट बढ़ने के संकेत
हरियाणा में घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी अब साफ तौर पर दिखाई देने लगी है। प्रदेश के कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से लंबी कतारें लग रही हैं और उपभोक्ता खुद एजेंसी पहुंचकर सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई जगह डिलीवरी के लिए 20 से 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके चलते लोगों में पैनिक बुकिंग बढ़ गई है और एजेंसियों के बाहर सिलेंडर को लेकर मारामारी जैसे हालात बनते जा रहे हैं।
सबसे ज्यादा भीड़ फतेहाबाद जिले के टोहाना में देखने को मिली, जहां गैस एजेंसी के दरवाजे खुलने से पहले ही लोग लाइन में लगने के लिए दौड़ते नजर आए। सुबह से ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंच गए। कई लोगों का कहना है कि अब एक सिलेंडर 25 दिन तक चलाना मुश्किल हो रहा है, लेकिन नई बुकिंग और डिलीवरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
हिसार में गैस एजेंसी पर उमड़ी भीड़
हिसार के सेक्टर-15 स्थित दया गैस एजेंसी पर भी उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। ऑनलाइन बुकिंग कई जगह बंद होने और फोन कॉल का जवाब नहीं मिलने के कारण लोग सीधे एजेंसी पहुंचकर सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि अगर जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो रसोई चलाना मुश्किल हो जाएगा।
कॉमर्शियल गैस की कमी से ढाबों पर संकट
गैस संकट का असर होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने के कारण कई ढाबा संचालकों ने खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने के संकेत दिए हैं। कुछ शहरों में इसका असर अभी से दिखने लगा है।
पानीपत में चाय और अन्य खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। ढाबा संचालकों का कहना है कि अगर गैस सिलेंडर की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन रेट बढ़ाने पड़ेंगे।
पुराने विकल्पों की ओर लौट रहे लोग
गैस की कमी के कारण कई परिवार पुराने विकल्पों की ओर लौटने लगे हैं। शहरों में फिर से डीजल भट्ठियां जलने लगी हैं और बिजली से चलने वाले इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ गई है।
हिसार के इलेक्ट्रॉनिक सामान विक्रेताओं के अनुसार पिछले तीन दिनों में करीब 450 इंडक्शन चूल्हों के ऑर्डर मिले हैं, जबकि लगभग 5 हजार इंडक्शन प्लेट की बिक्री हो चुकी है। दुकानदारों का कहना है कि गैस की कमी के कारण अचानक इनकी मांग बढ़ गई है।
ढाबा संचालक बोले- मजबूरी में बढ़ाने पड़ सकते हैं रेट
हिसार के गोविंद ढाबा के संचालक नवदीप का कहना है कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से ढाबा चलाना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि रोजाना कई सिलेंडर की जरूरत होती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बुकिंग नहीं मिल रही। अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं।
प्रदेश में गैस सिलेंडर की इस किल्लत ने आम लोगों से लेकर होटल-ढाबा कारोबारियों तक की परेशानी बढ़ा दी है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द सप्लाई सामान्य होगी और राहत मिलेगी।
Akhil Mahajan