गैस की कमी को देखते हुए हरियाणा में डिपो में मिलेगा मिट्टी का तेल

ईंधन संकट के बीच केंद्र सरकार ने हरियाणा को 8.76 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया है। राज्य में BPL परिवारों को वितरण में प्राथमिकता मिल सकती है और 45 दिनों में स्टॉक उठाना अनिवार्य होगा।

गैस की कमी को देखते हुए हरियाणा में डिपो में मिलेगा मिट्टी का तेल

➤ ईंधन संकट के बीच केंद्र ने हरियाणा को 8.76 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया
➤ BPL कार्डधारक परिवारों को वितरण में प्राथमिकता मिलने की संभावना
➤ केरोसिन का उपयोग केवल खाना बनाने और रोशनी के लिए ही किया जा सकेगा


चंडीगढ़। देश में चल रहे ईंधन संकट के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत अतिरिक्त केरोसिन आवंटित करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में हरियाणा को 8.76 लाख लीटर यानी 876 किलोलीटर केरोसिन उपलब्ध कराया गया है। अब राज्य का खाद्य एवं आपूर्ति विभाग इसके वितरण की व्यवस्था तय करेगा और पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का खाका तैयार करेगा।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यकता के अनुसार पीडीएस के तहत सुपरियर केरोसिन ऑयल (एसकेओ) उपलब्ध कराया जाएगा। इसी क्रम में पड़ोसी राज्य पंजाब को भी 11.76 लाख लीटर यानी 1176 किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया गया है।

BPL परिवारों को मिलेगी प्राथमिकता

हरियाणा में केरोसिन वितरण के दौरान बीपीएल कार्डधारक परिवारों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। राज्य में करीब 1.59 लाख ऐसे परिवार हैं जो बीपीएल श्रेणी में आते हैं। सरकार की योजना है कि इन परिवारों को सबसे पहले राहत दी जाए ताकि उन्हें खाना बनाने और रोशनी की व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

केरोसिन का वितरण उचित मूल्य की दुकानों यानी फेयर प्राइस शॉप (FPS) के माध्यम से किया जा सकता है। इसके अलावा तेल विपणन कंपनियों के रिटेल आउटलेट के जरिए भी वितरण संभव है। अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा तय किया जाएगा कि किस व्यवस्था के तहत इसे लोगों तक पहुंचाया जाए।

सिर्फ खाना बनाने और रोशनी के लिए होगा इस्तेमाल

केंद्र सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवंटित केरोसिन का उपयोग केवल खाना बनाने और रोशनी के लिए ही किया जा सकेगा। इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य सरकारों को सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केरोसिन का इस्तेमाल पेट्रोल या डीजल में मिलावट के लिए न किया जाए।

साथ ही केंद्र ने राज्यों को सलाह दी है कि ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को वितरण में प्राथमिकता दी जाए। निर्देशों के अनुसार आवंटित केरोसिन की पूरी मात्रा 45 दिनों के भीतर उठानी होगी। यदि तय समय में उठान नहीं किया गया तो बची हुई मात्रा सुरक्षित नहीं रखी जाएगी।

कीमतों में नहीं होगा कोई बदलाव

सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल केरोसिन की मौजूदा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही निर्धारित दरों पर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा।

कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई के लिए 5 हजार टीमें

राज्य में एलपीजी की सप्लाई व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए 5 हजार विशेष टीमों का गठन किया गया है। खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि इन टीमों के माध्यम से शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल प्रभावित नहीं है।

अफवाह फैलाने वालों पर नजर

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने कहा है कि ईंधन संकट को लेकर अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। विभाग के अधिकारी 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहे। यदि किसी उपभोक्ता को घरेलू गैस की आपूर्ति में समस्या, कालाबाजारी या स्टॉक से जुड़ी शिकायत हो तो वह हेल्पलाइन नंबर 1967 पर संपर्क कर सकता है।