Haryana: आईआईटी कानुपर में पढ़ने वाले हलवाई के होनहार बेटे ने कहा दुनिया को अलविदा, कमरे में ....

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Haryana: आईआईटी कानुपर में पढ़ने वाले हलवाई के होनहार बेटे ने कहा दुनिया को अलविदा, कमरे में ....

➤ हरियाणा के महेंद्रगढ़ के धीरज सैनी IIT कानपुर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर का छात्र था
➤ 2 दिन से कमरे का दरवाजा बंद था, बदबू आने पर IIT प्रशासन ने पुलिस को बुलाया
➤ पिता बोले – “मेरा बच्चा हीरा था, IIT ने मेरा सब कुछ छीन लिया”


हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले सतीश सैनी के घर पर मातम पसरा हुआ है। उनका सबसे छोटा बेटा धीरज सैनी (22), जो IIT कानपुर के हॉस्टल नंबर-1 के कमरे नंबर-123 में रहता था, फंदे पर लटका मिला। वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर का छात्र था।

पुलिस के अनुसार, धीरज पिछले दो दिनों से अपने कमरे में बंद था। जब कमरे से बदबू आने लगी तो इसकी सूचना IIT प्रशासन को दी गई। IIT पुलिस चौकी की टीम ने कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो धीरज का शव फंदे पर लटका मिला।

धीरज के पिता सतीश सैनी, जो महेंद्रगढ़ में हलवाई का काम करते हैं, ने रोते हुए कहा – “IIT कानपुर मेरा सब कुछ खा गया। मेरा बच्चा हीरा था। मैंने कैसे मेहनत-मजदूरी करके उसे पढ़ाया, यह मैं ही जानता हूं। अब मेरा सपना टूट गया है।”

उन्होंने बताया कि उनकी डेढ़ महीने से बेटे से फोन पर बात नहीं हुई थी। “जब भी मैं बात करता, वह कहता – पापा मैं पढ़ाई में व्यस्त हूं।”

धीरज की बहन मोनिका से उसकी 5 दिन पहले फोन पर बात हुई थी। उसने कहा था कि दिसंबर में घर आएगा और मार्च में प्लेसमेंट के जरिए उसे जॉब मिल जाएगी। पिता ने बताया कि रक्षाबंधन पर बेटा 10 दिन के लिए घर आया था और दोस्तों के साथ बीकानेर घूमने भी गया था। “हमें कभी नहीं लगा कि वह ऐसा कदम उठा लेगा।”

सतीश सैनी ने कहा, “मैंने अपनी पत्नी को अब तक नहीं बताया कि उसका होनहार बेटा नहीं रहा। अगर बता दूंगा तो वह मर जाएगी। मैंने अपने भाई संदीप और बेटे नीरज को कानपुर भेजा है ताकि वे धीरज का शव लेकर आएं।”

एसीपी कल्याणपुर रंजीत कुमार ने बताया – “एक छात्र का शव मिला है। घरवालों के आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। यदि कोई शिकायत मिलेगी तो जांच कराई जाएगी।” कल्याणपुर थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्रा ने कहा – “28 सितंबर के बाद से किसी ने धीरज को नहीं देखा। इन दिनों छुट्टियां थीं, इसलिए किसी ने ध्यान नहीं दिया।”

धीरज तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। बड़े भाई नीरज प्राइवेट नौकरी करते हैं, जबकि बहन मोनिका की शादी हो चुकी है। धीरज को बचपन से पढ़ाई में तेज माना जाता था। वह IIT में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग पढ़ रहा था और जल्द ही जॉब मिलने की उम्मीद कर रहा था।

इससे पहले भी IIT कानपुर के एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने सुसाइड किया था। उसने सुसाइड नोट में लिखा था – “मैं पढ़ नहीं पा रहा हूं, फेल्योर महसूस कर रहा हूं। मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना।”