क्या अशोक गहलोत बनेंगे कुलदीप बिश्नोई की कांग्रेस में 'घर वापसी' का जरिया?
कुलदीप बिश्नोई द्वारा अशोक गहलोत को जन्मदिन शुभकामनाएं देने और पुरानी तस्वीरें साझा करने के बाद हरियाणा की राजनीति में कांग्रेस वापसी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
➤ भजनलाल के अपमान के बीच कुलदीप के बागी तेवर
➤ अशोक गहलोत को पिता का मित्र बताकर साधा निशाना
➤ हरियाणा की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत
हरियाणा की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त सियासी हलचल देखने को मिल रही है। भारतीय जनता पार्टी के भीतर उपेक्षा और दिग्गज नेता स्व. भजनलाल को बार-बार अपमानित किए जाने के विवादों के बीच, भव्य बिश्नोई के पिता और कद्दावर नेता कुलदीप बिश्नोई के एक कदम ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
कुलदीप बिश्नोई ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत को उनके जन्मदिन पर न केवल बधाई संदेश भेजा, बल्कि उन्हें अपने पिता का 'अजीज मित्र' बताते हुए पुरानी तस्वीरें भी साझा कीं।
राजनीतिक गलियारों में इस संदेश के गहरे अर्थ निकाले जा रहे हैं। चर्चा है कि क्या कुलदीप बिश्नोई अशोक गहलोत के जरिए कांग्रेस में वापसी की राह तलाश रहे हैं? बिश्नोई का भाजपा आलाकमान से मोहभंग होना और राजस्थान की राजनीति में गहलोत के साथ उनके पारिवारिक रिश्तों का सार्वजनिक प्रदर्शन करना, इस ओर इशारा करता है कि वे भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं।
चर्चा है कि बिश्नोई परिवार अपनी राजनीतिक विरासत और मान-सम्मान को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकता है। यदि कांग्रेस में उनकी वापसी होती है, तो यह हरियाणा और राजस्थान के बिश्नोई बाहुल्य क्षेत्रों में भाजपा के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। फिलहाल, बिश्नोई के इन 'सोशल मीडिया संकेतों' ने भाजपा खेमे में बेचैनी बढ़ा दी है।
Akhil Mahajan