नफे सिंह राठी हत्याकांड: दो गवाहों के न आने पर सीबीआई कोर्ट ने जमानती वारंट जारी
पूर्व विधायक नफे सिंह राठी हत्याकांड में दो गवाह अदालत में नहीं पहुंचे। सीबीआई कोर्ट ने उनके लिए 5,000 रुपए के जमानती वारंट जारी किए। हत्या की साजिश विदेश में बैठे गैंगस्टर कपिल सांगवान ने रची थी। अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।
- नफे सिंह राठी हत्याकांड में दो चश्मदीद गवाह अदालत में नहीं पहुंचे
- सीबीआई अदालत ने दो- दो हजार रुपए के जमानती वारंट जारी किए
- हत्या की साजिश विदेश में बैठे गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू ने रची थी
बहादुरगढ़। पूर्व विधायक और इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या मामले में पंचकुला स्थित सीबीआई विशेष अदालत में दो चश्मदीद गवाह अपनी गवाही देने नहीं पहुंचे। अदालत ने उनके लिए 5,000 रुपए के जमानती वारंट जारी किए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर 2025 को रखी गई है।
अदालत की सुनवाई में बताया गया कि गत 1 सितंबर 2025 को गवाही शुरू करने के आदेश दिए गए थे। कुल तीन गवाहों को समन किया गया था, जिसमें से एक गवाह पेश हुआ जबकि दो नहीं पहुंचे। उन दोनों गवाहों में से एक के समन को उसकी पत्नी और दूसरे के समन को उसका भाई प्रोसेस कर चुका था। अदालत ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई में इन सभी गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए
गौरतलब है कि 25 फरवरी 2024 को बराही रेलवे फाटक के पास नफे सिंह राठी की हत्या हुई थी। इस दौरान उनके साथ पार्टी कार्यकर्ता जयकिशन दलाल की भी मौत हो गई, जबकि चालक राकेश और निजी गनमैन संजीत घायल हुए। पीड़ित परिवार की मांग पर केस सीबीआई को ट्रांसफर किया गया था। 2 मई 2024 से सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की।
चार्जशीट के अनुसार, हत्या की प्लानिंग चार माह पहले से चल रही थी। आरोपियों ने लगातार तीन दिन तक राठी का पीछा किया और आठ बार घात लगाया। आखिरकार, बराही रेलवे फाटक बंद होने पर अंधाधुंध फायरिंग कर नफे सिंह राठी की हत्या कर दी गई।
हत्या की साजिश यूके में बैठे गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू ने रची थी। उसने शूटरों को जीपीएस ट्रैकर के जरिए नफे सिंह की कार की लाइव लोकेशन भेजी। यह ट्रैकर फर्जी आधार कार्ड से एक्टिवेट किया गया था। तीन दिनों में आठ से अधिक बार लोकेशन भेजी गई, लेकिन हमला केवल बराही फाटक पर सफल हो पाया।
यूके में बसे चार आरोपियों—कपिल सांगवान उर्फ नंदू, शूटर अतुल गुलिया, नकुल सांगवान और खुशप्रीत लाठर—को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया है। वहीं, जेल में बंद चार अन्य आरोपियों को वीसी के जरिए पेशी कराई गई।
Akhil Mahajan