बुरे फंसे भाजपा विधायक! 5 लाख लेते रंगे हाथ पकड़े गए, 2 PA भी हिरासत में

भाजपा विधायक को लोकायुक्त ने 5 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। 11 लाख की मांग के आरोप में पीए और निजी सहायक समेत तीन लोग हिरासत में।

बुरे फंसे भाजपा विधायक!  5 लाख लेते रंगे हाथ पकड़े गए, 2 PA भी हिरासत में

■  विधायक 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़े गए
11 लाख की कथित मांग पर कर्नाटक लोकायुक्त का ट्रैप ऑपरेशन
पीए और निजी सहायक समेत तीन हिरासत में, भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज

भाजपा के विधायक को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। कार्रवाई राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था Lokayukta ने की। सूत्रों के अनुसार यह ट्रैप ऑपरेशन गदग जिले के लक्ष्मेश्वर में अंजाम दिया गया, जहां विधायक को करीब 5 लाख रुपये स्वीकार करते समय हिरासत में लिया गया। बताया जा रहा है कि यह रकम कथित तौर पर कुल 11 लाख रुपये की मांग का हिस्सा थी।

जानकारी के मुताबिक एक क्लास-1 ठेकेदार ने लोकायुक्त से शिकायत की थी कि माइनर इरिगेशन विभाग के एक प्रोजेक्ट की मंजूरी के बदले उससे 11 लाख रुपये की मांग की जा रही है। यह प्रोजेक्ट सड़क के दोनों ओर रिटेनिंग वॉल निर्माण से जुड़ा बताया गया है।

प्रारंभिक जांच के बाद लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाया और शनिवार को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान विधायक को कथित रूप से 5 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया।

ऑपरेशन के दौरान विधायक के दो करीबी सहयोगियों – एक आधिकारिक पीए और एक निजी सहायक – को भी मौके से हिरासत में लिया गया। तीनों से पूछताछ जारी है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ Prevention of Corruption Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मौके से कुछ दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।

जनप्रतिनिधि पर लगे इस गंभीर आरोप ने कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि लोकायुक्त ने स्पष्ट किया है कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी।

जांच एजेंसी का कहना है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। यह मामला कर्नाटक का है।