हरियाणा में पेट्रोल फिर महंगा, ₹100 पार पहुंचा, डीजल के 90 पैसे बढ़े, ऑल टाइम हाई प्राइज

हरियाणा में पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़ गए हैं। सिरसा और पंचकूला में पेट्रोल ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच गया है।

हरियाणा में पेट्रोल फिर महंगा, ₹100 पार पहुंचा, डीजल के 90 पैसे बढ़े,  ऑल टाइम हाई प्राइज

➤ हरियाणा में पेट्रोल फिर 100 रुपए पार, ऑल टाइम हाई पर पहुंचे दाम

➤ सिरसा और पंचकूला में पेट्रोल ₹100 के ऊपर पहुंचा

➤ 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम, डीजल भी 90 रुपए पार


हरियाणा में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी। इसके साथ ही प्रदेश में पेट्रोल की कीमतें एक बार फिर ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई हैं।

प्रदेश के सिरसा और पंचकूला जिलों में पेट्रोल के दाम ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच चुके हैं। वहीं डीजल की कीमतें भी 90 रुपए प्रति लीटर से ऊपर चली गई हैं।

इससे पहले 15 मई 2026 को ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। यानी एक हफ्ते से भी कम समय में जनता को दूसरी बार महंगाई का झटका लगा है।

नई कीमतों के मुताबिक गुरुग्राम में पेट्रोल ₹99.29, पंचकूला में ₹100.15 और सिरसा में ₹100.63 प्रति लीटर पहुंच गया है। फतेहाबाद में पेट्रोल ₹100.27 प्रति लीटर बिक रहा है।

हरियाणा में जुलाई 2021 में पहली बार पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के पार पहुंची थी। उसके बाद मार्च 2022 में भी कई जिलों में दाम 100 रुपए से ऊपर गए थे। अब करीब 5 साल बाद फिर से कई शहरों में पेट्रोल ने 100 का आंकड़ा पार कर लिया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल इसकी सबसे बड़ी वजह है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।

तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत और घाटे की भरपाई के लिए दाम बढ़ाना जरूरी हो गया था। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल इसी तरह महंगा बना रहा तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।

ईंधन की कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्ट, खेती और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर भी असर पड़ सकता है। मालभाड़ा बढ़ने से सब्जियां, फल और राशन महंगे होने की आशंका जताई जा रही है।

इस बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद हरियाणा सरकार ने भी एक SOP तैयार की है, जिसमें लोगों को ट्रेन, बस और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।

➤ हरियाणा में पेट्रोल के नए रेट

• गुरुग्राम – ₹99.29
• पंचकूला – ₹100.15
• सिरसा – ₹100.63
• रोहतक – ₹99.54
• रेवाड़ी – ₹98.96
• फतेहाबाद – ₹100.27
• हिसार – ₹99.45
• करनाल – ₹99.45
• कैथल – ₹99.35
• सोनीपत – ₹99.23
• कुरुक्षेत्र – ₹99.85

 वहीं, 

देशभर में आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। आज यानी 19 मई 2026 से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। एक हफ्ते से भी कम समय में ईंधन के दामों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में 3-3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया था।

नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹91.58 प्रति लीटर हो गई है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम आदमी की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर भी पड़ेगा। ट्रक और टेम्पो का मालभाड़ा बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो सकते हैं।

इसके अलावा किसानों के लिए खेती की लागत भी बढ़ जाएगी, क्योंकि ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने में ज्यादा खर्च आएगा। सार्वजनिक परिवहन, स्कूल बसों और ऑटो किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।

तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय से बढ़ती लागत के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। सरकार के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने करीब ₹30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था।

भारत अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।

ईंधन की कीमतों में कई तरह के टैक्स और चार्ज जुड़ते हैं। इसमें रिफाइनिंग कॉस्ट, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकारों का VAT शामिल होता है। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग होते हैं।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर राहत दी थी। इसके बाद मार्च 2024 से कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई थीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में पेट्रोलियम उत्पादों के संयमित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए।