जींद नगर परिषद EO और क्लर्क पर सेवा आयोग ने लगाया प्रतीकात्मक दंड

जींद नगर परिषद EO और क्लर्क पर सेवा का अधिकार आयोग ने एक हजार रुपए का दंड लगाया और शिकायतकर्ता को कुल 5 हजार रुपए मुआवजा देने के निर्देश दिए। भविष्य में लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी।

जींद नगर परिषद EO और क्लर्क पर सेवा आयोग ने लगाया प्रतीकात्मक दंड


➤ जींद नगर परिषद EO और क्लर्क पर सेवा का अधिकार आयोग ने लगाया प्रतीकात्मक दंड
➤ शिकायतकर्ता को कुल 5 हजार रुपए मुआवजा देने के निर्देश
➤ भविष्य में लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी



जींद नगर परिषद के EO और क्लर्क को सेवा का अधिकार आयोग ने एक हजार रुपए का प्रतीकात्मक दंड लगाया है और शिकायतकर्ता को कुल 5 हजार रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामला जींद के एक निवासी से जुड़ा है, जिन्होंने अवैध कॉलोनी में अपनी प्रॉपर्टी आईडी में सुधार के लिए आवेदन किया था।

आवेदन को रिजेक्ट करने पर आयोग ने पाया कि नियमों के अनुसार, अनाधिकृत कॉलोनियों में भी प्रॉपर्टी आईडी में आवश्यक सुधार किया जा सकता है, बस उस पर ‘अन ऑथराइज्ड’ टैग बना रहेगा। लापरवाही को गंभीर मानते हुए आयोग ने अधिनियम की धारा 17(1)(ह) के अंतर्गत अधिकारियों को दोषी ठहराया।

आयोग ने निर्देश दिए हैं कि दंड और मुआवजा अक्टूबर 2025 के वेतन से कटकर नवंबर 2025 में भुगतान किया जाए और इसकी रिपोर्ट 10 नवंबर तक आयोग को दी जाए। इसके साथ ही दंड की राशि को राज्य कोष में जमा करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

आयोग ने यह भी पाया कि प्रथम अपील (एफजीआरए) के निस्तारण में त्रुटि रही क्योंकि अपील संबंधित अधिकारी तक नहीं पहुंची। इसके लिए जीएम (आईटी), शहरी स्थानीय निकाय विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी सेवाएं और अपीलें सही अधिकारियों के साथ उचित रूप से मैप हों।

भविष्य में किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। आयोग ने बिना शर्त माफी और यह प्रथम त्रुटि होने के कारण अधिकारियों को सतर्क रहने और भविष्य में सावधानी बरतने की सलाह दी है। सभी अधिकारियों के नाम आयोग के डेटाबेस में दर्ज कर दिए गए हैं।