नेपाल की संसद पर हमलाः प्रदर्शनकारियों ने घुसकर किया उत्पात सेना की गोलीबारी में 16 की मौत

नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ जेनरेशन Z के युवाओं का हिंसक प्रदर्शन। 16 लोगों की मौत, सैकड़ों घायल। संसद भवन में घुसपैठ और गोलीबारी के बीच सरकार और नागरिकों के बीच बढ़ता तनाव।

नेपाल की संसद पर हमलाः  प्रदर्शनकारियों ने घुसकर किया उत्पात सेना की गोलीबारी में 16 की मौत

✔️नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ प्रदर्शनकारी संसद भवन में घुसे
✔️16 लोगों की मौत, 100 से अधिक घायल
✔️सरकार पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दबाने और भ्रष्टाचार के आरोप

नेपाल की राजधानी काठमांडू में आज एक हिंसक प्रदर्शन की घटना सामने आई है, जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए बैन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए करीब 12 हजार से ज्यादा युवा संसद भवन परिसर में घुस गए। इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान सेना ने कई राउंड फायरिंग की, जिससे अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं।


प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व मुख्य रूप से जेनरेशन Z के युवा कर रहे थे। सरकार द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब समेत कुल 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाया गया था, जिसे लेकर युवा आक्रोशित हैं। सरकार का तर्क है कि ये प्लेटफॉर्म्स राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं क्योंकि उन्होंने आवश्यक पंजीकरण नहीं कराया था।
प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के गेट नंबर 1 और 2 पर कब्जा कर लिया और आसपास के इलाकों में तोड़फोड़ भी की। प्रशासन ने कर्फ्यू लागू कर दिया है। सुरक्षा बलों को लोगों पर गोली चलाने के आदेश दे दिए गए हैं। कई प्रदर्शनकारी आंसू गैस की कैन फेंकते और विरोध प्रदर्शन में शामिल होते दिखे।
प्रदर्शन के दौरान कई नागरिक घायल हुए। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पतालों में भर्ती घायल लोग इलाजरत हैं। वहीं, नेपाल सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक भी बुलाई है।
प्रसिद्ध नेपाली सेलिब्रिटीज़ जैसे मदन कृष्ण श्रेष्ठ और हरि बंश आचार्य ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है और सरकार की आलोचना की है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करना और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना है। इस पूरे मामले से नेपाल में लोकतांत्रिक अधिकारों और सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।