रेवाड़ी-जयपुर रेल प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, नीमराणा रूट से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
रेवाड़ी से जयपुर तक 191 किमी लंबी नई रेल लाइन परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। रेल मंत्रालय ने फाइनल लोकेशन सर्वे की स्वीकृति दे दी है।
■ रेवाड़ी से जयपुर तक नई रेल लाइन को प्रशासनिक मंजूरी
■ 191 किमी लंबी परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को हरी झंडी
■ नीमराणा के रास्ते जुड़ेगा हरियाणा-राजस्थान, कनेक्टिविटी होगी मजबूत
हरियाणा और राजस्थान के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। हरियाणा के रेवाड़ी से राजस्थान की राजधानी जयपुर तक वाया नीमराणा प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। रेल मंत्रालय ने इस 191 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) कराने की स्वीकृति दे दी है, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ेगी।
इस नई रेल लाइन के बनने से न केवल दोनों राज्यों के बीच आवागमन आसान होगा, बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। खासतौर पर नीमराणा क्षेत्र, जो पहले से ही एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है, उसे सीधा रेल नेटवर्क मिलने से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।रेल मंत्रालय की मंजूरी के बाद अब इस परियोजना का फाइनल लोकेशन सर्वे किया जाएगा। इस सर्वे के जरिए यह तय होगा कि रेल लाइन किन-किन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, कहां स्टेशन बनाए जाएंगे और किस तरह से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी। सर्वे पूरा होने के बाद ही परियोजना के निर्माण कार्य की दिशा तय होगी।
इस नई रेल लाइन से रेवाड़ी और जयपुर के बीच यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों को एक नया, सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। फिलहाल इन दोनों शहरों के बीच सीधी और तेज रेल कनेक्टिविटी सीमित है, ऐसे में यह परियोजना क्षेत्रीय विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।
नीमराणा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को इस रेल लाइन से सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है। यहां कई बड़ी कंपनियां और इंडस्ट्रियल यूनिट्स मौजूद हैं, जिन्हें बेहतर लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी। इससे व्यापार और निर्यात गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
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