सरपंचों का तगड़ा लठ: मासूम शर्मा का हुक्का-पाणी गामों में बंद!

हरियाणवी कलाकार मासूम शर्मा की कथित टिप्पणी से नाराज सरपंचों ने उनके कार्यक्रमों के बहिष्कार की घोषणा की है। जिले के गांवों में कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी और आगे की रणनीति पर बैठक बुलाई गई है।

सरपंचों का तगड़ा लठ: मासूम शर्मा का हुक्का-पाणी गामों में बंद!

कथित टिप्पणी से नाराज सरपंचों ने झज्जर में कार्यक्रमों के बहिष्कार का ऐलान
गांवों में सांस्कृतिक आयोजन की अनुमति न देने की चेतावनी
आज दोबारा बैठक में आगे की रणनीति पर होगा फैसला

हरियाणा के  हरियाणवी कलाकार मासूम शर्मा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कई जिलों के गांवों के सरपंचों ने मासूम के खिलाफ विरोध के सुर तेज कर लिए हैं। झज्‍जर में तो संयुक्त बैठक कर उनके कार्यक्रमों के बहिष्कार की घोषणा कर दी है। सरपंचों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि कलाकार झज्जर जिले के किसी भी गांव में कार्यक्रम करके दिखा दें, तो वे भी अपनी भूमिका दिखा देंगे। इस फैसले के तहत जिले के किसी भी गांव में मासूम शर्मा के सांस्कृतिक कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी जाएगी।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में मासूम शर्मा द्वारा सरपंच पद को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी से जनप्रतिनिधियों में गहरी नाराजगी फैल गई। सरपंचों का कहना है कि सरपंच गांव का चुना हुआ प्रतिनिधि होता है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गायक की टिप्पणी ने जनप्रतिनिधियों के सम्मान को ठेस पहुंचाई है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मासूम शर्मा के खिलाफ बोलते हुए सरपंच।

बैठक में मौजूद कई सरपंचों ने कहा कि गांवों में कार्यक्रम करने वाले किसी भी कलाकार को स्थानीय प्रतिनिधियों, ग्रामीण परंपराओं और सामाजिक मर्यादाओं का सम्मान करना चाहिए। गांव पेलपा के सरपंच संदीप ने कहा कि जो व्यक्ति सरपंच को कुछ नहीं मानता, उसे झज्जर जिले के किसी भी गांव में मंच नहीं दिया जाएगा।

बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर आज दोबारा विस्तृत बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति और संभावित कदमों पर निर्णय लिया जाएगा। सरपंचों ने स्पष्ट किया कि यह फैसला सामूहिक रूप से लिया गया है और जिले के सभी गांवों में इसे लागू किया जाएगा।

इस घटनाक्रम के बाद झज्जर जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। कुछ ग्रामीण सरपंचों के फैसले का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे आपसी संवाद के जरिए सुलझाने की बात कह रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर अगली बैठक और उसके बाद लिए जाने वाले अंतिम निर्णय पर टिकी है।