सीपी राधाकृष्णन बनाम बी सुदर्शन रेड्डी, किसके सिर सजेगा उपराष्ट्रपति का ताज, फैसला आज
देश को आज नया उपराष्ट्रपति मिलेगा। NDA के सीपी राधाकृष्णन और INDIA गठबंधन के बी सुदर्शन रेड्डी में सीधा मुकाबला है। 781 सांसद वोट डालेंगे और शाम को परिणाम तय होगा।
- NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और INDIA गठबंधन के बी सुदर्शन रेड्डी में सीधा मुकाबला
- 781 सांसद सुबह 10 से शाम 5 बजे तक करेंगे मतदान, गिनती होगी शाम 6 बजे से
- राधाकृष्णन की जीत लगभग तय, लेकिन गुप्त मतदान से समीकरण बदल सकते हैं
देश आज 15वें उपराष्ट्रपति का चुनाव करने जा रहा है। इस संवैधानिक पद के लिए मुकाबला NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और INDIA गठबंधन के बी सुदर्शन रेड्डी के बीच है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन में मतदान होगा, जिसके बाद शाम 6 बजे से मतगणना शुरू होगी। इसी प्रक्रिया से तय होगा कि जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह अहम पद किसके हिस्से जाएगा।
संख्याबल के लिहाज से एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। उन्हें लगभग 427 सांसदों का समर्थन मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के लिए आवश्यक आंकड़े से कहीं ज्यादा है। वहीं विपक्षी उम्मीदवार रेड्डी को लगभग 354 सांसदों का समर्थन मिल सकता है। हालांकि, चूंकि मतदान गुप्त बैलेट से हो रहा है, इसलिए क्रॉस वोटिंग की संभावना दोनों ही पक्षों पर बनी हुई है।
चुनाव से पहले राजनीति में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी पर आरोप लगाया कि उन्होंने एनडीए का समर्थन करके अपने राज्य के हितों से विश्वासघात किया है। कांग्रेस ने दावा किया कि रेड्डी केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में हैं। दूसरी ओर बीआरएस और बीजेडी ने इस चुनाव से दूरी बना ली है, जबकि अकाली दल ने पंजाब में आई बाढ़ का हवाला देकर मतदान से अलग रहने का फैसला किया है।
एनडीए की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले वोट डालने की संभावना जताई गई है। दोनों गठबंधनों ने अपने सांसदों को वोटिंग प्रक्रिया की बारीकियां समझाने के लिए वर्कशॉप भी आयोजित की हैं। यह सतर्कता इसलिए बरती गई है क्योंकि 2017 और 2022 के उपराष्ट्रपति चुनावों में क्रमशः 11 और 15 वोट अमान्य घोषित हो चुके थे।
उधर, मतदान से पहले एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन ने राम मंदिर में पूजा-अर्चना की और आत्मविश्वास से कहा, “हम जीतेंगे, हम विकसित भारत चाहते हैं।”
Akhil Mahajan