हरियाणा का एडवोकेट आईएसआई के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार

हरियाणा के नूंह से एडवोकेट रिजवान आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार। वॉट्सऐप चैट और संदिग्ध लेन-देन के डिजिटल सबूत मिले। इस साल नूंह में तीसरी गिरफ्तारी।

हरियाणा का एडवोकेट आईएसआई के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार

• नूंह से एडवोकेट रिजवान को आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार
वॉट्सऐप चैट, कॉल डिटेल और संदिग्ध लेन-देन के आधार पर कार्रवाई
इस साल नूंह में तीसरी गिरफ्तारी, पहले भी अरमान और मोहम्मद तारीफ पकड़े गए



हरियाणा के नूंह जिले से केंद्रीय जांच एजेंसी और पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान तावड़ू खंड के गांव खरखड़ी निवासी एडवोकेट रिजवान पुत्र जुबेर के रूप में हुई है। रिजवान गुरुग्राम कोर्ट में प्रैक्टिस करता है।

पुलिस के अनुसार, रिजवान पर पाकिस्तान के लोगों से ऑनलाइन संपर्क और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन करने का आरोप है। उसके खिलाफ तावड़ू सदर थाने में देश विरोधी गतिविधियों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सूत्रों का कहना है कि जांच में रिजवान के मोबाइल से वॉट्सऐप चैट, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।

उधर, जांच एजेंसियों ने रिजवान के साथी मुशर्रफ उर्फ परवेज एडवोकेट को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मंगलवार देर रात करीब 1 बजे पुलिस टीम ने उसके घर से उसे उठाया। बताया गया कि पुलिस के दो वाहनों में दर्जन भर कर्मचारी पहुंचे और उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।

जानकारी के मुताबिक रिजवान के परिवार के कुछ सदस्य भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दौरान पाकिस्तान चले गए थे, जिसके बाद से परिवार का पाकिस्तान आना–जाना रहा। वहीं आरोपी के चाचा जाकिर हुसैन ने दावा किया है कि रिजवान कभी पाकिस्तान नहीं गया। पुलिस अब उसके मोबाइल डेटा की गहन जांच कर रही है और यह पता लगा रही है कि वह कितनी बार पाकिस्तान गया और किसके संपर्क में था।

बता दें कि इस साल नूंह में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में यह तीसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले 16 मई को राजाका गांव निवासी अरमान और 17 मई को कांगरका गांव निवासी मोहम्मद तारीफ को इसी आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों वर्तमान में जेल में बंद हैं। आरोप है कि ये दोनों पाकिस्तानी हाई कमीशन के अधिकारियों के संपर्क में थे और कई बार पाकिस्तान गए