आतंकी अब्दुल रहमान हत्याकांड में जेल सुपरिंटेंडेंट और DSP सुरक्षा सस्पेंड

फरीदाबाद की नीमका जेल में अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में जेल सुपरिंटेंडेंट और DSP सुरक्षा को सस्पेंड कर दिया गया है। सुरक्षा में लापरवाही पर DGP जेल ने सख्त कार्रवाई की है।

आतंकी अब्दुल रहमान हत्याकांड में जेल सुपरिंटेंडेंट और DSP सुरक्षा सस्पेंड

जेल सुपरिंटेंडेंट हरेंद्र और DSP सुरक्षा सचिन निलंबित
सुरक्षा में लापरवाही पर DGP जेल का सख्त एक्शन
वार्डर और हेड वार्डर पहले ही हटाए जा चुके

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जिला जेल में चार दिन पहले हुए चर्चित हत्याकांड पर सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। राम मंदिर पर हमले की साजिश से जुड़े संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की जेल के भीतर हत्या के मामले में डीजीपी जेल आलोक मित्तल ने जेल सुपरिंटेंडेंट हरेंद्र और DSP सुरक्षा जेल सचिन को सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई को सुरक्षा में गंभीर लापरवाही मानते हुए लिया गया है और पूरे जेल तंत्र में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर निवासी अब्दुल रहमान को सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। चार दिन पहले उसी बैरक में बंद जम्मू निवासी अरुण चौधरी उर्फ अबू जट ने कथित रूप से नुकीले पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। बताया गया कि दोनों के बीच राम मंदिर को लेकर बहस हुई थी, जिसके बाद यह वारदात हुई। घटना के बाद जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे।

सरकार ने इसे सुरक्षा में चूक मानते हुए पहले ही दो दिन के भीतर संबंधित वार्डर और हेड वार्डर को हटा दिया था। अब जांच में प्रथम दृष्टया जिम्मेदारी तय होने के बाद जेल सुपरिंटेंडेंट और DSP सुरक्षा पर भी गाज गिरा दी गई है। हरेंद्र की जगह नारनौल जेल सुपरिंटेंडेंट संजय बांगर को नीमका जेल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जेल की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कुछ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। इस घटना ने राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और सरकार इसे उदाहरण बनाकर सख्त संदेश देने के मूड में है।