हरियाणा में व्यापारी पति-पत्नीऔर बच्चे की मौत, 5 माह की गर्भवती थी महिला, परिवार में केवल बच्ची ही बची
यमुनानगर में डंपर की टक्कर से उत्तराखंड के कपड़ा व्यापारी, उसकी गर्भवती पत्नी और 4 साल के बेटे की मौत, परिवार की एक बेटी ही बची।
➤ तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से कपड़ा व्यापारी, पत्नी और बेटे की मौके पर मौत
➤ महिला 5 माह की गर्भवती थी, परिवार की 7 साल की बेटी ही अब जीवित
➤ डंपर चालक फरार, पुलिस ने शुरू की तलाश और जांच
हरियाणा के यमुनानगर में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया। ओल्ड सहारनपुर रोड पर हुए इस हादसे में उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी एक कपड़ा व्यापारी, उसकी पत्नी और चार साल के बेटे की मौत हो गई। मृतक दंपती बाइक से अपने बेटे के साथ उत्तराखंड जा रहे थे, तभी पीछे से आए तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सिविल अस्पताल यमुनानगर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मृत महिला पांच माह की गर्भवती थी, जिससे हादसे की भयावहता और भी बढ़ जाती है।
मृतकों की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान सचिन (29), उसकी पत्नी नेहा (27) और चार वर्षीय बेटे नोनू के रूप में हुई है। तीनों मूल रूप से झबरेड़ा, हरिद्वार (उत्तराखंड) के रहने वाले थे। सचिन यमुनानगर की मीना मार्केट में कपड़ों का व्यापार करता था और परिवार हाल ही में चिट्टा मंदिर के पास किराए के मकान में रह रहा था।
कैसे हुआ हादसा
सोमवार को सचिन अपनी पत्नी और बेटे के साथ बाइक से उत्तराखंड जा रहा था। जैसे ही वे ओल्ड सहारनपुर रोड पर पांसरा फाटक के पास पहुंचे, पीछे से आए डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही तीनों सड़क पर गिर पड़े। डंपर चालक वाहन रोकने के बजाय मौके से फरार हो गया।
हादसे के बाद पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। सदर थाना प्रभारी सलिंद्र कुमार के अनुसार, डंपर चालक की तलाश की जा रही है। फिलहाल परिवार की ओर से शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। इस हादसे में पूरा परिवार खत्म हो गया। मृतक दंपती की एक सात साल की बेटी है, जो हादसे के वक्त उत्तराखंड में अपनी दादी के पास थी। अब वही बच्ची परिवार की इकलौती वारिस रह गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
Akhil Mahajan