हिसार में ढोल बजाकर अफसरों को जगाया, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बाहर निकाला
हिसार में 12 क्वार्टर रोड की 8 महीने से टूटी सड़क के विरोध में लोगों ने ढोल बजाकर नगर निगम अफसरों को जगाया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बाहर किया, ज्ञापन गेट पर चिपकाया।
➤ हिसार में ढोल बजाकर नगर निगम के अफसरों को जगाया
➤ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को धक्के देकर बाहर किया
➤ 8 महीने से टूटी सड़क की समस्या पर कार्रवाई न होने से गुस्सा
हरियाणा के हिसार नगर निगम के खिलाफ बुधवार को लोगों ने विरोध प्रदर्शन का अनोखा तरीका अपनाया। लंबे समय से जनसुनवाई न होने और स्थानीय समस्याओं के समाधान में देरी से परेशान लोगों ने निगम कार्यालय के बाहर ढोल बजाकर अफसरों को जगाने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारी 12 क्वार्टर रोड क्षेत्र के निवासी थे, जहां की मुख्य गली पिछले 8 महीने से टूटी हुई है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने, पत्र लिखने और मौके पर जाने के बावजूद निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की।
लोग जब निगम कार्यालय के भीतर घुसकर प्रदर्शन करने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने तुरंत रोक लगाई। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को धक्के देकर बाहर निकाला, जिससे लोगों में और आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना ज्ञापन निगम कार्यालय की दीवार पर चिपका दिया।
स्थिति बिगड़ती देख नगर निगम के SE सतीश गर्ग मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनी और समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। उनका कहना था कि समस्या का तुरंत समाधान किया जाए, नहीं तो निगम अफसरों की शव यात्रा निकाली जाएगी।
स्थानीय निवासी ललित भाटिया, राजेंद्र यादव और सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरदाना ने बताया कि 30 फुट का सड़क का हिस्सा निगम की गलती के कारण उखड़ा पड़ा है। यहां रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं और बार-बार हादसे हो रहे हैं। शिकायतों के बावजूद निगम ने आज तक रोड सही नहीं करवाई।
निगम के XEN जयवीर सिंह ने बताया कि 60 फुट का एक हिस्सा 7 महीने पहले पब्लिक हेल्थ ने खुद उखाड़ा था। उन्होंने यह रोड बनवाने से रोक दिया था क्योंकि यहां सीवरेज की लाइन बदलने का काम पेंडिंग था। पब्लिक हेल्थ विभाग ने इस काम का टेंडर जारी किया हुआ है, उसी के बाद सड़क बनाई जाएगी।
इस दौरान लोगों ने नारेबाजी की, ढोल बजाया और निगम के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शन ने निगम प्रशासन को हिला दिया और अफसरों को मौके पर आना पड़ा।
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