भिवानी के 13 वर्षीय धावक हार्दिक ने फिर तोड़ा खुद का रिकॉर्ड: हाफ मैराथन में नया कीर्तिमान, एशिया व इंडिया बुक रिकॉर्ड में नाम दर्ज
13 साल की उम्र में हाफ मैराथन का नया रिकॉर्ड, भिवानी के हार्दिक ने खुद को ही पीछे छोड़ा
➤ एशिया व इंडिया बुक रिकॉर्ड होल्डर हार्दिक ने हाफ मैराथन में फिर रचा इतिहास
➤ केवल 2 माह की कड़ी मेहनत में 5 मिनट बेहतर किया अपना ही समय
➤ रोजाना 5 से 15 किलोमीटर दौड़ लगाकर करता है अभ्यास, अगला लक्ष्य फिर रिकॉर्ड तोड़ना
हरियाणा के भिवानी जिले की महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी 13 वर्षीय नन्हे धावक हार्दिक ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हार्दिक ने हाफ मैराथन (21.1 किलोमीटर) में खुद का ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उपलब्धि के साथ वह इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में पहले से दर्ज अपने नाम को और मजबूत कर गया है।
गुरुग्राम में बनाया नया रिकॉर्ड
हार्दिक ने 1 फरवरी 2026 को गुरुग्राम में आयोजित वन रेस हाफ मैराथन (21.1 km) में हिस्सा लिया। उसने यह दूरी 1 घंटा 44 मिनट 11 सेकंड में पूरी कर ली। इससे पहले हार्दिक ने यही हाफ मैराथन 1 घंटा 49 मिनट में पूरी की थी। महज दो महीनों में 5 मिनट का सुधार करना खेल जगत में असाधारण उपलब्धि माना जा रहा है।
2 माह की मेहनत ने बदला नतीजा
परिजनों और कोच के अनुसार यह सफलता लगातार अभ्यास और अनुशासन का नतीजा है। हार्दिक रोजाना मैदान में 5 से 15 किलोमीटर तक दौड़ लगाकर तैयारी करता है। खास बात यह है कि वह बिना किसी दवा, डोपिंग या बाहरी सहारे के केवल मेहनत और संतुलित दिनचर्या से यह मुकाम हासिल कर रहा है।
भिवानी में खुशी की लहर
हार्दिक की इस उपलब्धि से पूरे भिवानी में खुशी का माहौल है। परिवार के साथ-साथ खेल प्रेमियों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। स्थानीय लोग हार्दिक को भविष्य का बड़ा एथलीट मान रहे हैं और उसकी सफलता को जिले के लिए गर्व का विषय बता रहे हैं।
आगे और बेहतर करने का लक्ष्य
इस मौके पर धावक हार्दिक और उनके पिता व कोच राजेश तंवर ने कहा कि लक्ष्य यहीं रुकने का नहीं है। आने वाले समय में वह अपने प्रदर्शन को और बेहतर करेंगे और फिर से खुद का ही रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश करेंगे।
सरकार से मांग, युवाओं को संदेश
कोच राजेश तंवर ने सरकार से मांग की कि कम आयु वर्ग के धावकों को भी हाफ मैराथन जैसी प्रतियोगिताओं में दौड़ने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हार्दिक 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के धावकों के बीच दौड़कर भी रिकॉर्ड बना रहा है, जो उसकी क्षमता को दर्शाता है।
उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि नशे और डोपिंग में पड़कर अपना करियर बर्बाद न करें, बल्कि हार्दिक की तरह कड़ी मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी से अभ्यास कर देश का नाम रोशन करें।
Akhil Mahajan