पानीपत की समालखा कोर्ट में वकीलों की हाथापाई: गवाही के दौरान थप्पड़ चला, बार एसोसिएशन ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

पानीपत के समालखा कोर्ट में गवाही के दौरान दो वकीलों के बीच थप्पड़ और हाथापाई, बार एसोसिएशन ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

पानीपत की समालखा कोर्ट में वकीलों की हाथापाई: गवाही के दौरान थप्पड़ चला, बार एसोसिएशन ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

➤ गवाही के दौरान कोर्ट रूम में दो वकीलों के बीच तीखी बहस के बाद हाथापाई
➤ एक वकील ने दूसरे को थप्पड़ मारा, जज के हस्तक्षेप से पहले हुई मारपीट
➤ समालखा बार एसोसिएशन ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया

पानीपत जिले की समालखा कोर्ट में न्यायिक कार्यवाही के दौरान उस समय मर्यादा की सारी सीमाएं टूट गईं, जब गवाही के दौरान दो अधिवक्ताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला थप्पड़ और हाथापाई तक पहुंच गया। कोर्ट रूम में हुई इस घटना से न केवल न्यायिक गरिमा को ठेस पहुंची, बल्कि वकील समुदाय की छवि पर भी सवाल खड़े हो गए।

गवाही के दौरान शुरू हुआ विवाद

यह मामला 4 फरवरी 2026 का है। ACJ SD-cum-SDJM की अदालत में एक केस की गवाही चल रही थी। अदालत ने गवाही रिकॉर्ड कराने के लिए एक लोकल कमिश्नर नियुक्त किया था। लंच से पहले, एक पक्ष के वकील की अनुपस्थिति में मुख्य परीक्षा रिकॉर्ड कर ली गई।

जब संबंधित वकील कोर्ट पहुंचे, तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। इसी दौरान दूसरे पक्ष के वकील ने आरोप लगाया कि वह जानबूझकर कोर्ट की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं। बात बहस से शुरू हुई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।

कोर्ट रूम में थप्पड़ और मारपीट

आरोप-प्रत्यारोप के बीच अचानक एक वकील ने दूसरे वकील को थप्पड़ मार दिया। इससे पहले कि जज स्थिति संभाल पाते, दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। कोर्ट में मौजूद अन्य अधिवक्ताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया, तब जाकर स्थिति पर काबू पाया जा सका।

बार एसोसिएशन का कड़ा रुख

घटना के बाद समालखा बार एसोसिएशन ने मामले को गंभीरता से लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव की ओर से दोनों वकीलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि कोर्ट परिसर में इस तरह का आचरण निंदनीय है और इससे पूरी वकील बिरादरी की साख को नुकसान पहुंचा है।

नोटिस की दो अहम बातें

नोटिस में दोनों अधिवक्ताओं को पांच दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

लंच के बाद दोबारा शुरू हुई सुनवाई

घटना के तुरंत बाद जज ने दोनों पक्षों को शांत रहने की हिदायत देते हुए लंच के बाद कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया। लंच के बाद फाइल दोबारा ली गई और कोर्ट के सख्त निर्देशों के बीच शेष गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मामले की अगली सुनवाई अब 19 फरवरी 2026 को तय की गई है।