आखिर क्यों आधी रात को आसमान से बरसी मौत, अमेरिका ने वेनेजुएला को दहलाया! खबर विस्तार से
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर बड़े सैन्य हमले का दावा, काराकास समेत चार शहरों पर बमबारी, वैश्विक युद्ध और तेल संकट की आशंका गहराई।
➤ आधी रात को अमेरिका का वेनेजुएला पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला
➤ राजधानी काराकास समेत चार शहरों में बमबारी का दावा, सैन्य ठिकाने निशाने पर
➤ वैश्विक युद्ध, तेल संकट और तीसरे विश्व युद्ध की आशंका गहराई
काराकास/वाशिंगटन: साल 2026 की शुरुआत दुनिया के लिए बड़ी अशांति लेकर आई है। दुनिया के नक्शे पर एक और भीषण युद्ध की शुरुआत हो चुकी है। अमेरिका ने दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला बोल दिया है। ऑपरेशन 'सदर्न स्पीयर' के तहत अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने राजधानी काराकास समेत 4 प्रमुख शहरों को खंडहर में तब्दील करना शुरू कर दिया है।
अमेरिका ने वेनेजुएला पर किए गए सैन्य हमले के बाद बड़ा दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला अब अमेरिकी सैनिकों की गिरफ्त में हैं। ट्रम्प के मुताबिक, दोनों को वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया है।
आखिर अमेरिका ने क्यों किया हमला?
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच दशकों से तनातनी चल रही थी, लेकिन इस बार मामला 'आर-पार' का हो गया है। इसके पीछे 3 बड़े कारण हैं:
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मादुरो का तख्तापलट: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को 'लोकतंत्र की बहाली' का नाम दिया है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि निकोलस मादुरो एक अवैध तानाशाह हैं और उन्हें सत्ता से हटाना ही वेनेजुएला की जनता का हित है।
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तेल के खेल की जंग: वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल (Crude Oil) भंडार है। वैश्विक तेल बाज़ार पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए अमेरिका इस क्षेत्र पर सीधा नियंत्रण चाहता है।
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रूस-चीन का दखल: वेनेजुएला में रूस और चीन की बढ़ती सैन्य मौजूदगी अमेरिका की नाक के नीचे उसे चुनौती दे रही थी। अमेरिका ने इस हमले के जरिए दुनिया को संदेश दिया है कि लैटिन अमेरिका में उसका एकाधिकार बना रहेगा।
मादुरो गिरफ्तार? क्या है ताजा स्थिति?
इंटरनेट पर एक खबर आग की तरह फैल रही है कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी विशेष बलों (Special Forces) ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि, वेनेजुएला सरकार की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मादुरो ने हमले के तुरंत बाद 'नेशनल इमरजेंसी' घोषित कर दी थी और अपने समर्थकों से गोरिल्ला युद्ध की अपील की थी।
वैश्विक असर: दुनिया पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
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तीसरे विश्व युद्ध का खतरा: रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'खुली आक्रामकता' बताया है। अगर रूस या चीन सीधे हस्तक्षेप करते हैं, तो दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर खड़ी हो सकती है।
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग: युद्ध के चलते कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होगी, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू सकते हैं।
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शेयर बाजार में गिरावट: वैश्विक बाजारों में हाहाकार मचने की आशंका है, निवेशक अपना पैसा निकाल रहे हैं।
जश्न में डूबा अमेरिका
Akhil Mahajan