नेशनल हेराल्ड केस में राहुल-सोनिया को राहत,दिल्ली कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से किया इनकार

नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार किया। राहुल गांधी और सोनिया गांधी समेत सभी आरोपियों को फिलहाल कानूनी राहत मिली।

नेशनल हेराल्ड केस में राहुल-सोनिया को राहत,दिल्ली कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से किया इनकार


• दिल्ली कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड केस में ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार
• राहुल गांधी और सोनिया गांधी समेत 7 आरोपियों को फिलहाल राहत
• ED ने आदेश के खिलाफ अपील करने का किया ऐलान



दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। इस फैसले से सभी आरोपियों को फिलहाल कानूनी राहत मिली है। ED ने अदालत के इस आदेश को चुनौती देने की बात कही है।

स्पेशल जज विशाल गोगने ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला किसी अनुसूचित अपराध से जुड़ी FIR पर आधारित नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि चार्जशीट एक निजी शिकायत के आधार पर दाखिल की गई है, जबकि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत संज्ञान लेने के लिए अनुसूचित अपराध का होना आवश्यक है।

नेशनल हेराल्ड मामला भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की करीब 2000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को हड़पने का आरोप लगाया है। इस केस में सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, डोटेक्स मर्चेंडाइज और सुनील भंडारी भी आरोपी हैं।

शिकायत के अनुसार यंग इंडियन लिमिटेड नाम की संस्था के जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली AJL का अधिग्रहण किया गया। आरोप लगाया गया कि घाटे में चल रही कंपनी को बेहद कम रकम में अपने नियंत्रण में लिया गया, जिससे उसकी बहुमूल्य संपत्तियों पर कब्जा हो गया।

सुब्रमण्यम स्वामी ने वर्ष 2012 में पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर कर इस पूरे मामले की आपराधिक जांच की मांग की थी। इस केस से जुड़े कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज का अब निधन हो चुका है।

कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सत्य की जीत है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना के तहत चलाया गया था। कांग्रेस ने दावा किया कि अदालत ने माना है कि न तो मनी लॉन्ड्रिंग का कोई ठोस आधार है और न ही अपराध से अर्जित धन का कोई प्रमाण है।

ED ने इस केस में वर्ष 2022 में राहुल गांधी और सोनिया गांधी से कई दौर की पूछताछ की थी। राहुल गांधी से पांच दिन में लगभग 50 घंटे पूछताछ हुई थी। वहीं सोनिया गांधी से तीन दिनों में करीब 12 घंटे पूछताछ की गई थी।