मां का दूध पिया है तो क्राइम के बाद टिककर दिखाओ!" — DGP का गैंगस्टरों को चैलेंज
हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने रोहतक में औचक निरीक्षण के दौरान गैंगस्टरों को “गीदड़” कहा और खुला चैलेंज दिया कि अगर हिम्मत है तो अपराध कर वहां टिक कर दिखाएं; साथ ही नशा व गुंडागर्दी के खिलाफ कड़े अभियान का एलान किया।
➤ डीजीपी ओपी सिंह का औचक निरीक्षण
➤ गैंगस्टरों को गीदड़ बताया, पुलिस को चेताया
➤ नशे और बदमाशी पर सख्त कार्रवाई का संदेश
विस्तृत खबर
हरियाणा पुलिस के महानिदेशक ओपी सिंह ने बुधवार दोपहर बाद रोहतक का औचक निरीक्षण किया। डीजीपी के आगमन पर पुलिस जवानों ने सलामी दी और एसपी सुरेन्द्र सिंह भौरिया ने उनका स्वागत किया। उनके साथ एडीसी नरेंद्र कुमार, एएसपी वाई.वी.आर. शशि शेखर, एएसपी प्रतीक अग्रवाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने पुलिस बल के अनुशासन, अपराध नियंत्रण और नशे के खिलाफ अभियान की समीक्षा की।
पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि पुलिस की नौकरी लड़ाकों की है, इसमें सौम्य बातें नहीं चल सकतीं। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक टीमें राज्यभर में सक्रिय हैं जो बदमाशों पर नकेल कस रही हैं। डीजीपी ने कहा कि कुछ लोग गलत सोच के साथ इस नौकरी में आ गए हैं, जो अपराधियों की मदद करते हैं, ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने गैंगस्टरों को ‘गीदड़’ बताते हुए चुनौती दी कि अगर किसी में हिम्मत है तो अपराध करने के बाद वहीं टिककर दिखाए।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस की कोई जाति नहीं होती, पुलिस की सिर्फ एक जाति है — खाकी। उन्होंने कहा कि अपने 34 साल के करियर में उन्होंने कभी किसी कर्मचारी से उसकी जाति नहीं पूछी। हर पुलिसकर्मी का धर्म सिर्फ काम है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर केस का समाधान एक सप्ताह के भीतर किया जाए।
विदेशों में बैठे गैंगस्टरों पर तीखा वार करते हुए डीजीपी ने कहा कि जो अपने आप को गैंगस्टर कहते हुए विदेशों में धमकी देते हैं, वे दरअसल कायर गीदड़ हैं जो कुत्ते की मौत मरते हैं। अगर उनमें हिम्मत होती तो अपराध कर भारत में ही टिकते। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का अंत हमेशा शर्मनाक होता है क्योंकि हर अपराध का जवाब कानून देता है।
नशा तस्करी के मुद्दे पर बोलते हुए डीजीपी ने कहा कि अब तक 150 से अधिक नशा सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि नशा सप्लाई करने वालों पर दो साल की नॉन बेलेबल सजा का प्रावधान है और जिला स्तर पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने साफ कहा कि गलतियां और बेवकूफियां सुधारी जा सकती हैं, लेकिन बदमाशी बर्दाश्त नहीं होगी। किसी भी अधिकारी की नीयत खराब नहीं होनी चाहिए। उन्होंने एक मामले में पुलिस अधिकारी को सस्पेंड करने की जानकारी दी और कहा कि कोई भी शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होगी।
ASI संदीप लाठर मामले पर डीजीपी ने कहा कि पुलिस कानून के हिसाब से जांच कर रही है। उन्होंने माना कि ऐसे घटनाक्रमों से निराशा होती है और ऐसी गलतियां दोहराई नहीं जानी चाहिए। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अपनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही है।
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