पपला गुर्जर का इनामी साथी गैंगस्टर अब बनेगा शिक्षक: अपराध की दुनिया छोड़ी, UGC NET JRF पास कर रचा नई जिंदगी का अध्याय
कुख्यात गैंगस्टर पपला गुर्जर का 50 हजार का इनामी रहा साथी दीक्षांत अब अपराध छोड़ UGC NET JRF पास कर शिक्षक बनने की राह पर है।
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50 हजार का इनामी रहा पपला गुर्जर का साथी दीक्षांत, अब UGC NET JRF पास; अपराध छोड़ शिक्षा की राह चुनी
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कभी गैंगस्टर पपला गुर्जर के साथ था, आज UGC NET JRF क्लियर; दीक्षांत की बदलती जिंदगी
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From Gangster Associate to Scholar: Papla Gurjar’s Aide Clears UGC NET JRF
Mahendragarh | कुछ समय पहले
➤ पपला गुर्जर का करीबी और 50 हजार का इनामी रहा दीक्षांत अब UGC NET JRF सफल
➤ तीन साल जेल में बिताने के बाद अपराध से तौबा, पढ़ाई को बनाया जिंदगी का रास्ता
➤ अब पीएचडी कर शिक्षक बनने का सपना, युवाओं को दिया अपराध से दूर रहने का संदेश
हरियाणा और राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर के साथ कभी अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला उसका साथी दीक्षांत अब पूरी तरह बदल चुका है। जरायम की राह छोड़कर उसने शिक्षा को अपना भविष्य बनाया और इसका नतीजा यह रहा कि दीक्षांत ने अंग्रेजी विषय में UGC NET JRF परीक्षा पास कर ली है। यह सफलता न सिर्फ उसकी मेहनत की पहचान है, बल्कि अपराध से सुधार की एक मिसाल भी बनकर सामने आई है।
जेल से शिक्षा तक का सफर
महेंद्रगढ़ जिले के गांव खैरोली निवासी दीक्षांत कभी पपला गुर्जर गैंग का हिस्सा रहा है। वर्ष 2019 में बहरोड़ थाने पर फायरिंग और पपला को छुड़ाने की वारदात में उसका नाम सामने आया था। उस समय पुलिस ने दीक्षांत सहित पांच आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। फरारी के बाद दीक्षांत गिरफ्तार हुआ और करीब तीन साल जेल में बिताए।
जेल में रहते हुए उसके जीवन की दिशा बदलने लगी। अपराध की दुनिया से मोहभंग हुआ और उसने पढ़ाई को अपना सहारा बनाया। रिहाई के बाद उसने पूरी लगन से अध्ययन किया और अब UGC NET JRF जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर ली।
अब शिक्षक बनकर देश सेवा का सपना
दीक्षांत का सपना अब पीएचडी पूरी कर एक अच्छा शिक्षक बनने का है। वह किसी प्रतिष्ठित कॉलेज या विश्वविद्यालय में पढ़ाकर युवाओं को सही दिशा देना चाहता है। उसका कहना है कि वह अपनी गलती से सीखे अनुभवों को छात्रों के साथ साझा कर उन्हें अपराध से दूर रहने के लिए प्रेरित करेगा।
उसने युवाओं को संदेश दिया है कि लड़ाई-झगड़े, गलत संगत और जल्द पैसा कमाने की चाह जिंदगी को अंधेरे में ले जाती है, जबकि शिक्षा ही वह रास्ता है जो स्थायी सम्मान और भविष्य देता है।
पहले जानिए कौन है पपला गुर्जर
विक्रम उर्फ पपला गुर्जर भी महेंद्रगढ़ जिले के गांव खैरोली का ही रहने वाला है। वर्ष 2014 में अपने गुरु शक्ति सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद हरियाणा और राजस्थान में कई गंभीर वारदातों को अंजाम दिया।
कोर्ट से फरारी और थाने पर हमला
2017 में महेंद्रगढ़ कोर्ट में पेशी के दौरान पपला ने फायरिंग कर दी और फरार हो गया। इसके बाद वह मोस्ट वांटेड अपराधियों में शुमार हो गया। 2019 में राजस्थान के बहरोड़ थाने में पकड़े जाने के बाद उसकी गैंग ने थाने पर हमला कर उसे लॉकअप से छुड़ा लिया। इस घटना में दीक्षांत की भूमिका भी सामने आई थी।
2021 में मुंबई से गिरफ्तारी
लगातार फरारी के बाद 28 जनवरी 2021 को पपला गुर्जर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से उसकी गर्लफ्रेंड जिया के साथ गिरफ्तार किया गया। तब से वह जेल में बंद है और उस पर पांच लाख रुपए का इनाम घोषित है।
अपराध से सुधार की मिसाल
पपला गुर्जर जहां आज भी अपराध की दुनिया का बड़ा नाम बना हुआ है, वहीं उसका पूर्व साथी दीक्षांत शिक्षा के जरिए नई पहचान बना रहा है। यह कहानी बताती है कि हालात चाहे जैसे भी रहे हों, इंसान अगर ठान ले तो वह अपनी जिंदगी की दिशा बदल सकता है।
Akhil Mahajan