लिव इन रिलेशनशिप, समगोत्र विवाह और समलैंगिक विवाह के खिलाफ सर्व खाप महापंचायत का बड़ा ऐलान, जानें अहम फैसले
सोनीपत गन्नौर में आयोजित सर्व खाप महापंचायत में समाज में फैली बुराइयों जैसे लिव इन रिलेशनशिप, समगोत्र विवाह, बिना माता-पिता की सहमति शादी और समलैंगिक विवाह पर चर्चा हुई। सभी खाप जागरूकता अभियान चलाएंगे और कानून में संशोधन की मांग करेंगे।
सोनीपत गन्नौर में सर्व खाप महापंचायत में समाज में फैली कुरीतियों पर लंबी चर्चा
लिव इन रिलेशनशिप, समगोत्र विवाह, बिना माता-पिता की सहमति शादी और समलैंगिक विवाह पर विशेष फैसले
जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और कानून में संशोधन के लिए मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री से मांग
हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर में समाज में फैली कुरीतियों और बुराइयों को रोकने के लिए सर्व खाप महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में देशभर की लगभग सभी प्रमुख खापों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। समाज में बढ़ती बुराइयों पर विचार करने और उनका समाधान निकालने के उद्देश्य से यह बैठक कई घंटों तक चली।
महापंचायत में लिव इन रिलेशनशिप, समगोत्र विवाह, पास के गांवों में शादी, माता-पिता की सहमति के बिना विवाह, और समलैंगिक विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी खाप प्रतिनिधियों ने इस पर सख्त फैसला लिया कि ये सभी कुरीतियां समाज से पूरी तरह मिटानी होंगी। इसके लिए उन्होंने निर्णय किया कि अपने स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि लोगों को इनके दुष्परिणाम और सामाजिक हानियों के बारे में सचेत किया जा सके।
महापंचायत के दौरान यह भी माना गया कि खापों का सामाजिक प्रभाव पहले की तुलना में कम हो गया है, और इसी वजह से इन बुराइयों में वृद्धि हुई है। इसीलिए सभी खाप अब सक्रिय होकर अपने क्षेत्र में सही संदेश फैलाएंगी और लोगों को सामाजिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेंगी।
महापंचायत ने यह निर्णय भी लिया कि सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों में संशोधन के लिए खाप प्रतिनिधि हरियाणा के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपनी मांग रखेंगे। उनका मानना है कि कानून में आवश्यक बदलाव के बाद सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के विधायक राजकुमार गौतम ने माता-पिता की सहमति के बिना बच्चों की शादी न होने की मांग को महापंचायत में दोहराया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में खापों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
महापंचायत में खापों ने यह भी संकल्प लिया कि वे जागरूकता अभियान के तहत ग्रामीण इलाकों में प्रचार-प्रसार करेंगे, पंचायतों और सामाजिक बैठकों के माध्यम से लोगों को शिक्षित करेंगे और उनके साथ संवाद कर सही मार्गदर्शन देंगे।
इस महापंचायत का उद्देश्य केवल नियमों और कानूनों का पालन कराना ही नहीं है, बल्कि समाज में नैतिकता, पारिवारिक मूल्यों और अनुशासन को फिर से स्थापित करना भी है। खाप प्रतिनिधियों का मानना है कि यदि समाज अपने मूल्यों के प्रति जागरूक होगा, तो लिव इन रिलेशनशिप, समगोत्र विवाह और अन्य सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
Akhil Mahajan