कैथल में वॉलीबॉल विवाद बना खूनी संघर्ष, कृपाण हमले में 10वीं के छात्र की मौत
कैथल के गांव रामथली में वॉलीबॉल विवाद के बाद 10वीं के छात्र नवराज सिंह की कृपाण हमले में मौत हो गई। पुलिस ने 5 नामजद सहित 17 के खिलाफ BNS की धाराओं में केस दर्ज किया है।
➤ वॉलीबॉल मैच के विवाद में 17 वर्षीय छात्र की हत्या
➤ कृपाण और लाठी-डंडों से हमले का आरोप, 5 नामजद सहित 17 पर केस
➤ BNS की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, गांव में तनाव
हरियाणा के कैथल जिले के गांव रामथली में वॉलीबॉल मैच को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी झड़प में बदल गया। 10वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र नवराज सिंह पर कथित तौर पर कृपाण और लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में आक्रोश और तनाव का माहौल है।
पुलिस के अनुसार, नवराज सिंह अपने दोस्त विनीत के साथ पुराने विवाद को सुलझाने के लिए पहुंचा था। आरोप है कि दूसरी ओर के युवक पहले से मौके पर मौजूद थे। बहस बढ़ने के बाद मारपीट शुरू हो गई और छात्र पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर चोट लगने के बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
5 नामजद सहित 17 पर केस
मृतक के पिता मंगल सिंह की शिकायत पर गुहला थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारी नायब सिंह के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 115, 190 और 191(3) के तहत केस दर्ज किया गया है। पांच आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य की पहचान की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांव में तनाव, सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद गांव रामथली में भारी रोष है। परिवार ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवाओं के बीच बढ़ती हिंसक घटनाएं चिंता का विषय हैं और समय रहते रोकथाम जरूरी है।
स्कूल और समाज के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल स्तर पर काउंसलिंग, विवाद समाधान तंत्र और जागरूकता कार्यक्रम जरूरी हैं, ताकि छोटे झगड़े हिंसक रूप न लें। पुलिस और प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी विवाद की स्थिति में तुरंत कानूनी सहायता लें।
Akhil Mahajan