पाकिस्तान के लिए जासूसी मामले में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा का केस सेशन कोर्ट में ट्रांसफर

पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश किया गया। केस को सेशन कोर्ट में कमिट कर दिया गया है। पुलिस की 2500 पन्नों की चार्जशीट पर वकील ने अधूरी होने का आरोप लगाया।

पाकिस्तान के लिए जासूसी मामले में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा का केस सेशन कोर्ट में ट्रांसफर

➤ पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया
➤ केस को सेशन कोर्ट में कमिट कर दिया गया, अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी
➤ 2500 पन्नों की चार्जशीट में कई अहम खुलासे, परिजनों का आरोप कि पुलिस ने अधूरी चार्जशीट दी है


पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। न्यायिक दंडाधिकारी सुनील कुमार की अदालत ने मामले को सत्र न्यायालय में ट्रांसफर कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी, जहां ज्योति को फिर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा।

ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।

इससे पहले 16 सितंबर को ज्योति को पेश किया गया था, जहां उसके वकील कुमार मुकेश को चार्जशीट की कॉपी दी गई थी। हालांकि, वकील का कहना है कि पुलिस ने जानबूझकर अधूरी चार्जशीट सौंपी है। पुलिस का तर्क था कि इसमें कई संवेदनशील जानकारियां हैं जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

25 सितंबर को कोर्ट में ज्योति मल्होत्रा को पेश किया गया था।

पुलिस ने इस केस में 2500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें दावा किया गया कि ज्योति ने न केवल कश्मीर डैम के वीडियो बल्कि राजस्थान बॉर्डर के आर्मी कैंप के वीडियो भी पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए। पुलिस ने कहा कि वह कम से कम चार पाकिस्तानी एजेंटों—दानिश अली, शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों—के लगातार संपर्क में थी।

चार्जशीट के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले ही पाकिस्तानी एजेंटों ने ज्योति को अलर्ट कर दिया था और वह भागने की कोशिश कर रही थी। जांच एजेंसियों ने बताया कि उसने कई बार अपने फोन से डेटा डिलीट किया, हालांकि तकनीकी टीम ने कुछ हिस्से को रिकवर कर लिया है।

वकील कुमार मुकेश का कहना है कि उन्हें मिली चार्जशीट में कई अहम बातचीत और सबूत शामिल नहीं हैं। खासतौर पर ज्योति और पाक एजेंट दानिश के बीच रिश्तों का जिक्र चार्जशीट में नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वह पूरी स्टडी के बाद रिवीजन पिटिशन दायर करेंगे।

इस केस की जांच हिसार पुलिस की SIT ने तीन महीने तक की थी। इसमें डीएसपी, इंस्पेक्टर और साइबर सेल की टीम शामिल रही। इस दौरान ज्योति के मोबाइल, सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय कॉल डिटेल्स खंगाली गईं।

अब यह मामला पूरी तरह से सेशन कोर्ट में सुना जाएगा। वहीं, ज्योति की कानूनी लड़ाई में यह सवाल बना हुआ है कि क्या पुलिस ने चार्जशीट में जानबूझकर कुछ सबूतों को छिपाया है।