एडीजीपी के गनमैन सुशील की हुई अदालत में पेशी, अंबाला जेल से रोहतक कोर्ट में हाजिरी

एडीजीपी के गनमैन रहे हवलदार सुशील पर शराब ठेकेदार से मंथली मांगने के आरोप में सुनवाई हुई। आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुआ। अगली सुनवाई 19 दिसंबर को।

एडीजीपी के गनमैन सुशील की हुई अदालत में पेशी, अंबाला जेल से रोहतक कोर्ट में हाजिरी
  • एडीजीपी वाई पूरण कुमार के गनमैन रहे हवलदार सुशील पर मंथली वसूली का आरोप
  • वीसी के जरिए अदालत में पेशी, अगली सुनवाई 19 दिसंबर को
  • एसआईटी ने अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की

 एडीजीपी वाई पूरण कुमार के गनमैन रहे हवलदार सुशील कुमार के खिलाफ शराब ठेकेदार से मंथली मांगने और धमकी देने के मामले में शुक्रवार को अदालत में सुनवाई हुई। आरोपी को अंबाला सेंट्रल जेल से एएसजे कपिल राठी की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। अब मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी। उधर, जांच कर रही एसआईटी ने अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है।

कैसे हुआ मामला दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 6 अक्टूबर को शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल ने अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी थी कि वह शराब ठेकेदारी का काम करता है और उसे पहले से ही बड़े बदमाशों द्वारा जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। इसी कारण उसे पुलिस सुरक्षा भी दी गई थी।
शिकायत में उसने बताया कि हिमांशु भाऊ गैंग के कई लोग शराब ठेकों में हिस्सेदारी रखते हैं, इसलिए उस पर लगातार खतरा बना रहता है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, एक पुलिसकर्मी ने उसे फोन किया और खुद को सुशील कुमार बताया। उसने कहा कि उसे आईजी ऑफिस में मिलने बुलाया जा रहा है और वह आईजी का खास आदमी है। जून में जब प्रवीण आईजी ऑफिस गया, तो वहां सुशील कुमार ने धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर रोहतक में शराब का काम करना है तो मंथली देनी पड़ेगी।
उसने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए तो बदमाशों को लगा देंगे और शराब तस्करी के झूठे मुकदमे दर्ज करवा देंगे।

ढाई लाख रुपए की मांग करने का आरोप

कुछ दिनों बाद सुशील ने फोन किया और कहा कि काम करना है। उसने लोकेशन भेजकर प्रवीण को सेक्टर-1 स्थित कार्यालय में बुलाया। वहां उसने अपने साथी जयभगवान को भी बुला लिया। आरोप है कि सुशील कुमार ने मंथली के तौर पर 2.5 लाख रुपए मांग लिए।

गिरफ्तारी और जेल

पुलिस ने सुशील कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर 7 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में है और बाद में रोहतक जेल से अंबाला जेल शिफ्ट कर दिया गया।