हरियाणा में 10 ट्रेड यूनियनों की हड़ताल, कई बस अड्डों पर धारा-163 लागू
हरियाणा में 10 ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के बीच सोनीपत रोडवेज अड्डे पर प्रदर्शन हुआ। सरकार ने बस अड्डों पर धारा-163 लागू की है और HVPN ने नो वर्क-नो वेज नियम लागू किया है।
➤ 12 फरवरी को 10 ट्रेड यूनियन हड़ताल पर, कई जिलों में प्रदर्शन
➤ सोनीपत रोडवेज अड्डे पर घेराव, बस सेवाएं सामान्य
➤ HVPN ने लागू किया नो वर्क-नो वेज, छुट्टियों पर रोक
हरियाणा में गुरुवार 12 फरवरी को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की संयुक्त हड़ताल का असर कई जिलों में देखने को मिला। सोनीपत में ट्रेड यूनियन सदस्यों ने रोडवेज बस अड्डे पर घेराव कर प्रदर्शन किया, जबकि झज्जर में आंगनवाड़ी वर्कर और बहादुरगढ़ में नगर पालिका कर्मचारी विरोध में उतरे। हालांकि सरकार की सख्ती के चलते रोडवेज बस सेवाएं अधिकांश स्थानों पर सामान्य रहीं। प्रशासन ने बस अड्डों पर धारा-163 लागू कर एहतियाती कदम उठाए हैं।
सरकार हड़ताल को लेकर पहले से अलर्ट मोड में थी। खासतौर पर रोडवेज बसों का चक्का जाम टालने पर जोर दिया गया। बस स्टैंडों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और कर्मचारियों को ड्यूटी पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए। सोनीपत रोडवेज अड्डे पर प्रदर्शन के बावजूद बसों का संचालन तय समय पर होता दिखाई दिया।
उधर, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (HVPN) ने हड़ताल के मद्देनजर सख्त रुख अपनाते हुए नो वर्क-नो वेज नियम लागू कर दिया है। 12 फरवरी को सामान्य परिस्थितियों में किसी भी कर्मचारी को छुट्टी नहीं दी जाएगी। केवल आपात स्थिति में सक्षम अधिकारी की अनुमति से अवकाश मंजूर होगा। इस आदेश का उद्देश्य बिजली आपूर्ति सेवाओं को बाधित होने से बचाना बताया गया है।
हड़ताल का आह्वान देश की दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, केंद्र एवं राज्य सरकार और पीएसयू कर्मचारियों के विभिन्न फेडरेशनों ने संयुक्त रूप से किया है। राज्य में इसे सफल बनाने के लिए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और मजदूर संगठन हरियाणा ने भी समर्थन दिया है। पिछले दस दिनों से सात जत्थों द्वारा प्रदेश के सभी 23 जिलों में जनसभाएं कर कर्मचारियों और मजदूरों को हड़ताल के लिए तैयार किया गया।
हड़ताल को समर्थन देने वाले संगठनों में सीटू, इंटक, एटक, हिंद मजदूर सभा, एआईयूटीयूसी, हरियाणा बैंक एम्पलाइज फेडरेशन, नॉर्थ जोन बीमा कर्मचारी संघ, पोस्टल और टेलीकॉम यूनियनें सहित हजारों संबद्ध यूनियनें शामिल हैं।
फिलहाल प्रशासन की निगरानी में स्थिति नियंत्रित बताई जा रही है, लेकिन विभिन्न जिलों से विरोध-प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आ रही हैं। सरकार और यूनियनों के बीच टकराव की स्थिति ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
Akhil Mahajan