गैंगस्टर्स की पहली पसंद जिगाना पिस्टल क्यों? मूसेवाला-अतीक अहमद की हत्या और दिशा पटानी केस से कनेक्शन, कीमत लाखों में
तुर्की निर्मित जिगाना पिस्टल भारत में गैंगस्टर्स की पहली पसंद बन चुकी है। मूसेवाला और अतीक हत्या से लेकर दिशा पटानी घर फायरिंग तक इसका इस्तेमाल सामने आया। पाकिस्तान-नेपाल रूट से तस्करी कर लाई जा रही यह पिस्तौल ब्लैक मार्केट में 4-10 लाख रुपये तक बिक रही है।
➤ जिगाना पिस्टल तुर्की की कंपनी TİSAŞ द्वारा बनाई जाती है, गैंगस्टर्स में इसकी सबसे ज़्यादा डिमांड
➤ सिद्धू मूसेवाला, अतीक अहमद, और दिशा पटानी घर फायरिंग केस में इस्तेमाल होने से सुर्खियों में
➤ पाकिस्तान और नेपाल रूट से भारत में तस्करी, ब्लैक मार्केट में कीमत 4 से 10 लाख तक
भारत में अपराध जगत में इन दिनों एक ही नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—जिगाना पिस्टल। तुर्की निर्मित यह हथियार गैंगस्टर्स के बीच इतना लोकप्रिय हो चुका है कि पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश और अब मुंबई तक बड़े मामलों में इसके इस्तेमाल का खुलासा हो चुका है। सिद्धू मूसेवाला की हत्या (2022) और अतीक अहमद व अशरफ हत्याकांड (2023) में जिस पिस्तौल से गोलियां चली थीं, वही जिगाना थी। हाल ही में मुंबई में अभिनेत्री दिशा पटानी के घर के बाहर हुई फायरिंग में भी पुलिस ने बरामद पिस्तौल को जिगाना बताया। इस तरह लगातार हाई-प्रोफाइल मामलों से इसका नाम जुड़ना इसकी कुख्याति और गैंगस्टर्स में क्रेज को दिखाता है।
पुलिस जांच में पता चला है कि जिगाना पिस्टल पाकिस्तान और नेपाल रूट से भारत पहुंच रही है। पहले इन पिस्टलों को अलग-अलग पार्ट्स में नेपाल लाया जाता था, जहां से कारों में छुपाकर भारत तस्करी होती थी। अब तस्कर ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। पाकिस्तान बॉर्डर से सीधे पंजाब में पिस्टल गिराई जाती है और वहां से देशभर में सप्लाई होती है।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और पंजाब पुलिस ने हाल ही में कई मॉड्यूल पकड़े हैं, जिनका सीधा लिंक पाकिस्तान की आईएसआई और दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से सामने आया है। गिरफ्तार हथियार तस्करों ने माना कि मूसेवाला हत्याकांड में इस्तेमाल जिगाना भी उन्होंने ही सप्लाई की थी।
कीमत और ब्लैक मार्केट
भारत में जिगाना पिस्टल पर प्रतिबंध है, लेकिन ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत 4 से 10 लाख रुपये तक है।
नेपाल रूट से आने वाली जिगाना की कीमत लगभग 6 लाख रुपये होती है।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए गिराई जाने वाली कॉपी वर्जन पिस्टल करीब 4 लाख रुपये में मिलती है।
कॉपियां सस्ती जरूर होती हैं, लेकिन सटीकता और क्षमता में लगभग असली जैसी ही होती हैं।
गैंगस्टर्स की पहली पसंद क्यों?
जिगाना पिस्टल को गैंगस्टर्स की पहली पसंद बनाने के कई कारण हैं—
9 एमएम कैलिबर और एक बार में 15 राउंड फायर करने की क्षमता।
वजन हल्का, लगभग 720-920 ग्राम, इसलिए इस्तेमाल में आसान।
स्लाइड शॉर्ट रिकॉयल ऑपरेटिंग सिस्टम, जिससे ज्यादा गर्म नहीं होती।
देसी पिस्तौल जहां 5 राउंड में जाम हो जाती है, वहीं जिगाना बिना रुके पूरी मैगजीन खाली कर सकती है।
इसमें 11 अलग-अलग वेरिएंट हैं, जैसे जिगाना F, K और P, जो अलग जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किए गए हैं।
यही कारण है कि यह पिस्टल न सिर्फ गैंगस्टर्स के लिए हथियार है, बल्कि स्टेटस सिंबल भी बन चुकी है।
मूसेवाला और अतीक केस के बाद अब दिशा पटानी घर फायरिंग कांड में जिगाना पिस्टल सामने आना सबसे बड़ा अलार्म है। मुंबई पुलिस ने बरामद पिस्टल की फॉरेंसिक जांच में पुष्टि की है कि गोलीबारी में इस्तेमाल हथियार जिगाना ही था। यह केस साफ बताता है कि अब यह पिस्टल पंजाब-यूपी से निकलकर मुंबई जैसे मेट्रो शहरों में भी गैंगस्टर्स के पास पहुंच चुकी है।जिगाना पिस्टल अब भारत की अंडरवर्ल्ड और गैंगस्टर कल्चर की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है। मूसेवाला से लेकर अतीक और अब दिशा पटानी केस—हर बड़ी घटना में इसका इस्तेमाल इसे सबसे खतरनाक और पसंदीदा हथियार साबित करता है।