सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: बार काउंसिल चुनावों में महिलाओं को 30% आरक्षण
हरियाणा कैबिनेट बैठक में 19 एजेंडे मंजूर, विधानसभा का शीतकालीन सत्र 18 दिसंबर से शुरू, तहसील पुनर्गठन, भर्ती नियमों और परिवहन नीति में बड़े फैसले।
➤सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल चुनावों में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण अनिवार्य किया
➤आरक्षण का लाभ सिर्फ सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करने वाली महिला वकीलों को मिलेगा
➤जिन राज्यों में चुनाव अधिसूचना जारी नहीं, वहां तुरंत लागू होगा नया नियम
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बार काउंसिल चुनावों में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण लागू करने का ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया है। अदालत ने कहा कि यह निर्णय महिला अधिवक्ताओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने और लैंगिक संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा सुधार कदम है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आरक्षण केवल उन्हीं महिला वकीलों को मिलेगा जो सक्रिय रूप से प्रैक्टिस कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 20% सीटें चुनाव प्रक्रिया से और 10% सीटें सह-चयन (Co-option) के माध्यम से भरी जाएंगी।
निर्देश अनुसार, जिन राज्य बार काउंसिलों में अभी चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं हुई है, वहां यह नियम तुरंत लागू करना अनिवार्य होगा। वहीं छह राज्यों को इस नियम से अस्थायी छूट दी गई है, क्योंकि वहां चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
अदालत ने टिप्पणी की कि कानूनी पेशे में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, ऐसे में समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। पीठ ने कहा कि यह निर्णय वकालत की दुनिया में महिला नेतृत्व और न्यायिक ढांचे में संतुलित भागीदारी को मजबूती देगा।
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