पेरिस ओलिंपिक ब्रॉन्ज विजेता का झटका, डिस्क्वालिफाई हुए अमन

भारत के ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट पहलवान अमन सहरावत वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप से 1.7 किग्रा ओवरवेट पाए जाने के कारण डिस्क्वालिफाई हो गए। वे 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कैटेगरी में उतरने वाले थे।

पेरिस ओलिंपिक ब्रॉन्ज विजेता का झटका, डिस्क्वालिफाई हुए अमन
पेरिस ओलिंपिक ब्रॉन्ज विजेता का झटका, डिस्क्वालिफाई हुए अमन

➤ ओलिंपिक ब्रॉन्ज विजेता अमन सहरावत वर्ल्ड चैंपियनशिप से डिस्क्वालिफाई
➤ 57 किग्रा भार वर्ग में 1.7 किग्रा ओवरवेट पाए गए
➤ नियम अनुसार वर्ल्ड चैंपियनशिप में 1 ग्राम भी ओवरवेट पर अयोग्यता



भारत के उभरते हुए पहलवान और पेरिस ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट अमन सहरावत  जाग्रेब (क्रोएशिया) में चल रही वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप से बाहर हो गए। अमन को पुरुषों की फ्रीस्टाइल 57 किग्रा भार वर्ग में उतारना था, लेकिन वजन मापने के दौरान वे 1.7 किग्रा ओवरवेट पाए गए

इस चैंपियनशिप में अमन से पदक की उम्मीद थी। वे 25 अगस्त को ही भारतीय दल के साथ जाग्रेब पहुंचे थे और उनके पास वजन संतुलित करने का पर्याप्त समय था। टीम के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा— “यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि अमन अपना वजन नियंत्रित नहीं रख पाए। जब वे वेट मशीन पर खड़े हुए, तो उनका वजन 1700 ग्राम ज्यादा था। यह स्वीकार्य नहीं है।”

वर्ल्ड यूनाइडेट रेसलिंग के नियम के मुताबिक वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलिंपिक खेलों में वजन का कोई अतिरिक्त मार्जिन नहीं होता। यहां तक कि 1 ग्राम भी ओवरवेट होने पर खिलाड़ी तुरंत डिस्क्वालिफाई कर दिया जाता है। अन्य टूर्नामेंट जैसे वर्ल्ड कप या रैंकिंग सीरीज में 2 किग्रा तक छूट मिलती है, लेकिन वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए यह नियम लागू नहीं है।

यह पहला मौका नहीं है जब किसी भारतीय खिलाड़ी को वजन की समस्या से झटका लगा हो। विनेश फोगाट भी पेरिस ओलिंपिक में 100 ग्राम ओवरवेट होने के कारण डिस्क्वालिफाई हो गई थीं और भारत का संभावित गोल्ड मेडल मौका गंवा बैठी थीं।

अमन ने पहले भी तेजी से वजन घटाने की क्षमता दिखाई थी। पेरिस ओलिंपिक में सेमीफाइनल के बाद उन्होंने महज 10 घंटे में 4.6 किग्रा वजन घटाया था, जब उनका वजन 61.5 किग्रा हो गया था। इसके बाद सुबह तक उन्होंने अपनी कैटेगरी के अनुसार वजन कम कर लिया था।

अमन सहरावत का करियर अब तक बेहद शानदार रहा है। वे हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले हैं और 2022 एशियाई खेलों में 57 किग्रा भार वर्ग में कांस्य जीत चुके हैं। अप्रैल 2023 में उन्होंने अस्ताना (कजाकिस्तान) में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था।
पेरिस ओलिंपिक में उन्होंने फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कैटेगरी में प्यूर्टो रिको के डरियन टोई क्रूज को 13-5 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। इस उपलब्धि के साथ वे भारत के सबसे युवा ओलिंपिक मेडलिस्ट बने।