सूरजकुंड हादसे के बाद हरियाणा का बड़ा फैसला, देश की पहली Swing Safety Policy होगी लागू

सूरजकुंड हादसे के बाद हरियाणा सरकार ने देश की पहली Swing Safety Policy लागू करने का ऐलान किया है। इस नीति के तहत मनोरंजन स्थलों के झूलों की सुरक्षा के लिए सख्त मानक तय किए जाएंगे।

सूरजकुंड हादसे के बाद हरियाणा का बड़ा फैसला, देश की पहली Swing Safety Policy होगी लागू

➤ हरियाणा में लागू होगी देश की पहली Swing Safety Policy
➤ मनोरंजन स्थलों के झूलों और राइड्स पर होंगे सख्त सुरक्षा मानक
➤ सूरजकुंड हादसे के घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार


हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक और दूरगामी फैसला लेने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि राज्य में देश की पहली Swing Safety Policy लागू की जाएगी। इस नीति का उद्देश्य मनोरंजन स्थलों, मेलों और पार्कों में लगे झूलों और अन्य राइड्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में सूरजकुंड जैसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।

मंगलवार को हरियाणा निवास में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सूरजकुंड में हुआ हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था और सरकार इसे हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब एक मजबूत Safety Policy Framework तैयार कर रही है, जिसके तहत झूलों की तकनीकी जांच, संचालन लाइसेंस, प्रशिक्षित स्टाफ और नियमित निरीक्षण को अनिवार्य किया जाएगा। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस हादसे के मामले में अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच प्रक्रिया लगातार जारी है। सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह नीति केवल एक नियम नहीं, बल्कि Public Safety Commitment का प्रतीक होगी।

घायलों के इलाज और मुआवजे को लेकर भी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे में घायल सभी लोगों का इलाज जारी है और उनके इलाज का पूरा खर्च हरियाणा सरकार उठाएगी। इसके साथ ही गंभीर रूप से घायल प्रत्येक व्यक्ति को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि पीड़ित परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।

सूरजकुंड हादसे में शहीद हुए इंस्पेक्टर जगदीश को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घोषणा की कि शहीद पुलिसकर्मी के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी और साथ ही आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह निर्णय सुरक्षा सेवाओं में कार्यरत कर्मियों के सम्मान और समर्थन की दिशा में एक ठोस कदम है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हरियाणा की यह नीति प्रभावी रूप से लागू होती है, तो यह पूरे देश के लिए Risk Management Model बन सकती है। सरकार का उद्देश्य है कि मनोरंजन और सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित किया जाए, ताकि नागरिक बिना डर के सुरक्षित माहौल में मनोरंजन कर सकें।