बिहार चुनाव में पैसों का दबदबा, 64 प्रत्याशी करोड़पति
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 73% उम्मीदवार करोड़पति निकले। 64 प्रत्याशियों की संपत्ति 5 करोड़ से अधिक है। एनडीए और महागठबंधन दोनों में धनबल का असर बढ़ा।
➤73% उम्मीदवार करोड़पति निकले
➤64 प्रत्याशियों की संपत्ति 5 करोड़ से अधिक
➤गरीब प्रत्याशियों के लिए मैदान हुआ मुश्किल
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में अमीरी बनाम आम आदमी की जंग साफ दिख रही है। चुनाव आयोग में दाखिल उम्मीदवारों के हलफनामों से जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बिहार की सियासत में पैसे और प्रभाव की बढ़ती ताकत का बड़ा संकेत हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, एनडीए और महागठबंधन दोनों के लगभग 73 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं। यानी अब बिहार की राजनीति में “जनसेवा” के साथ-साथ धनबल और रसूख का प्रभाव भी निर्णायक हो गया है।
एनडीए के 92 और महागठबंधन के 86 उम्मीदवारों की घोषित संपत्ति करोड़ों में है। वहीं, पहले चरण की 121 सीटों में से 64 उम्मीदवारों की संपत्ति 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इनमें से 29 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 10 करोड़ से ऊपर है।
सबसे अमीर उम्मीदवारों की सूची में व्यवसायिक पृष्ठभूमि वाले एनडीए नेताओं के नाम शीर्ष पर हैं। इसके उलट, गरीब उम्मीदवारों में भाकपा (माले) के वृंदावन आरसी की संपत्ति मात्र 37 हजार रुपये और आरजेडी के एक प्रत्याशी की कुल संपत्ति 55 हजार रुपये दर्ज की गई है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह आंकड़ा बिहार की राजनीति में आर्थिक असमानता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। एक ओर करोड़ों में खेलने वाले प्रत्याशी हैं, तो दूसरी ओर वे उम्मीदवार हैं जिनके पास प्रचार के लिए संसाधन तक सीमित हैं।
चुनाव आयोग के रिकॉर्ड बताते हैं कि कई उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले भी दर्ज हैं, लेकिन संपत्ति के मामले में सभी दलों के बीच प्रतिस्पर्धा समान है।
पहले चरण की यह तस्वीर बताती है कि बिहार की राजनीति अब जनसंपर्क से ज्यादा आर्थिक ताकत पर निर्भर होती जा रही है। सवाल यह है कि क्या ये करोड़पति उम्मीदवार गरीबों की आवाज उठाने में सक्षम होंगे, या यह चुनाव भी अमीरी बनाम आम आदमी की जंग बनकर रह जाएगा।
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